सीआईएसएफ ने रचा इतिहास, एनएसजी के ‘विस्फोट कवच-9’ में हासिल किया तीसरा स्थान
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) मानेसर में आयोजित नवम संयुक्त प्रतिआतंकक आईईडी प्रशिक्षण अभ्यास ‘विस्फोट कवच-9’ में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कुल 23 टीमों ने भाग लिया था, जिनमें 16 राज्यों, 3 केंद्रशासित प्रदेशों (दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर) और 4 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी एवं सीआईएसएफ) की सर्वश्रेष्ठ टीमें शामिल थीं। इन सभी उत्कृष्ट टीमों के बीच सीआईएसएफ ने तीसरा स्थान प्राप्त कर न केवल अपना लोहा मनवाया, बल्कि शीर्ष तीन में स्थान पाने वाला एकमात्र केंद्रीय सशस्त्र बल बनने का गौरव भी हासिल किया।
यह शानदार प्रदर्शन सीआईएसएफ की उच्च स्तरीय परिचालन क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और विस्फोटक निरोधक कौशल का एक स्पष्ट प्रमाण है। अभ्यास के दौरान सीआईएसएफ की प्रस्तुति विशेष रूप से सराहनीय रही, जिसमें विमानन सुरक्षा, विभिन्न प्रकार के आईईडी मॉडल, और उपकरण नवाचारों का विस्तृत विश्लेषण शामिल था। एमपीआरटीसी बहरोड़ के प्रशिक्षकों के सहयोग से विकसित किए गए विशेष उपकरणों ने मूल्यांकन अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त, टीम ने घरेलू विस्फोटकों में उभरते रुझानों पर भी गहन जानकारी प्रस्तुत की।
मूल्यांकन अधिकारियों ने सीआईएसएफ टीम की तकनीकी विशेषज्ञता और वास्तविक जीवन की कठिन परिस्थितियों में काम करने की व्यावहारिक पद्धति की जमकर सराहना की। सीआईएसएफ ने आरएसपी ड्रिल में भी सभी प्रतिस्पर्धी टीमों को पीछे छोड़ते हुए सर्वोच्च अंक प्राप्त किए, जो बल के अनुशासन और तैयारी को दर्शाता है।
इस प्रतियोगिता में सीआईएसएफ यूनिट डीएमआरसी का के–9 श्वान ‘चेतक’ भी विस्फोटक पदार्थों की पहचान में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष प्रशंसा का पात्र बना। यह उपलब्धि देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा में सीआईएसएफ की बढ़ती मजबूती को और पुष्ट करती है। वर्तमान में, सीआईएसएफ देश भर में 360 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए है, जिसमें हवाई अड्डे, बंदरगाह, मेट्रो रेल तंत्र और नक्सल प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं। बल की बम निरोधक और के–9 टीमें 24 घंटे सक्रिय रहकर प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करती हैं। यह सफलता सीआईएसएफ की उत्कृष्ट तैयारी, राष्ट्र सुरक्षा के प्रति अटूट समर्पण और क्षमता का प्रतीक है।
