सिम खरीदते वक्त अंगूठे के निशान का खेल: जालसाजों का नया तरीका, हो जाएं सावधान!
पीलीभीत में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल कर लोगों से साइबर ठगी करता था। इस मामले में गिरोह के सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह मोबाइल गेमिंग ऐप के माध्यम से लोगों को अपना निशाना बनाता था।
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह लोगों को ठगने के लिए फर्जी तरीके से निकाले गए सिम कार्डों का प्रयोग करता था। इन सिमों को खास तरकीब अपनाकर सक्रिय किया जाता था, जिससे आम नागरिक को इसका अंदाजा भी नहीं लगता। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि सिम कार्ड खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमृतपाल दुबई के एक कैफे में बैठकर साइबर ठगी की तकनीक सीखकर आया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके साथी प्रियांशु और धर्मेंद्र को भी पकड़ा गया। धर्मेंद्र की भूमिका ठगी के पैसों को विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाना था। यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था, उन पर राजस्थान, ओडिशा, तमिलनाडु, बिहार, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पहले से ही होल्ड लगा हुआ था।
गिरफ्तारी करने वाले पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रियांशु दीक्षित नामक आरोपी, अमृतपाल को एक हजार रुपये में सिम बेचता था, जिसका इस्तेमाल वह साइबर ठगी के लिए करता था। सबसे चिंताजनक खुलासा यह हुआ कि सिम कार्ड लेने आने वाले लोगों से यह आरोपी एक बार अंगूठे का निशान और फोटो लेता था। इसके बाद, वह बहाना बनाता था कि फोटो ठीक नहीं आई है या अंगूठा सही से नहीं लगा है। इस तरह, वह एक ही व्यक्ति की आईडी पर दो सिम कार्ड जारी करवा लेता था। इनमें से एक सिम कार्ड ग्राहक को दे दिया जाता था, जबकि दूसरा सिम कार्ड साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सिम कार्ड खरीदने जाते समय इस बात की पुष्टि अवश्य कर लें कि आपने दो बार अंगूठे का निशान तो नहीं लगाया है। इसके अतिरिक्त, लोगों को ‘संचार साथी’ ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इस ऐप के माध्यम से आप अपने आधार कार्ड नंबर डालकर यह जांच सकते हैं कि आपके आधार कार्ड पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं।
‘संचार साथी’ पोर्टल पर आप अपना मोबाइल नंबर डालकर यह भी देख सकते हैं कि आपके नाम पर कौन-कौन से मोबाइल नंबर प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से ‘संचार साथी’ ऐप डाउनलोड करें। ऐप खोलने के बाद होम पेज पर नीचे स्क्रॉल करके ‘नो मोबाइल कनेक्शनंस इन योर नेम’ लिंक पर क्लिक करें। एक नई विंडो खुलेगी, जिसमें अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा सावधानीपूर्वक डालें और ओटीपी बटन पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करें और लॉग-इन पर क्लिक करें। इसके बाद स्क्रीन पर आपके नाम पर चल रहे सभी मोबाइल कनेक्शन की सूची दिखाई देगी। इस तरह आप अपनी आईडी पर चल रहे अनधिकृत नंबरों का पता लगा सकते हैं और उन्हें बंद करवा सकते हैं।
