सहरावन में टोल प्लाजा रद्द, कुकड़ोला मोड़ पर बन सकता है नया विकल्प
सहरावन गांव में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर प्रस्तावित टोल प्लाजा का निर्माण अब नहीं होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने ग्रामीणों के विरोध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों की आपत्तियों के बाद यह फैसला लिया है। ग्रामीणों ने चिंता जताई थी कि टोल प्लाजा के निर्माण से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।nnसूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी दोनों प्रमुख एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया था कि टोल प्लाजा को कुछ मीटर आगे या पीछे करने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस गंभीर चिंता के मद्देनजर, NHAI ने सहरावन में टोल प्लाजा बनाने की योजना को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।nnअब NHAI द्वारा कुकड़ोला मोड़ के सामने हाईवे पर टोल प्लाजा बनाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में अगले 10 दिनों के भीतर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस मामले की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी है। आगामी संसद सत्र के दौरान, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में स्थानीय सांसद व केंद्रीय योजना, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्यवन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह और NHAI के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा ताकि परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।nnहालांकि, कुकड़ोला में टोल प्लाजा बनाए जाने के विचार के साथ ही स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। कृष्णा अरावली फाउंडेशन के अध्यक्ष और सेवानिवृत मुख्य नगर योजनाकार प्रो. केके यादव ने चिंता व्यक्त की है कि कुकड़ोला के निकट अरावली की पहाड़ी में बड़ी संख्या में वन्यजीव निवास करते हैं। पास में ही एक बड़ा तालाब है जो इन वन्यजीवों के लिए जल स्रोत का काम करता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि टोल प्लाजा के निर्माण से वन्यजीवों में अशांति फैलेगी और वे इस क्षेत्र से दूर जा सकते हैं। उनका सुझाव है कि यदि टोल प्लाजा बनाना आवश्यक है, तो इसे पचगांव से आगे बिलासपुर के नजदीक बनाया जाना चाहिए, न कि मानेसर से पचगांव के बीच किसी भी स्थान पर।nnयह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम का कारण बनने वाले खेड़कीदौला टोल प्लाजा को मानेसर से आगे स्थानांतरित करने की योजना भी कई बार विफल हो चुकी है। पहले पचगांव चौक पर टोल प्लाजा बनाने की योजना थी, जिसके लिए निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। लेकिन ग्रामीणों द्वारा अंडरपास या फ्लाईओवर की मांग के कारण वह योजना स्थगित हो गई थी, जिसके बाद सहरावन का विकल्प चुना गया था, जो अब सुरक्षा कारणों से रद्द हो गया है।”
गया है।
