सेना पूर्व सैनिकों के लिए 20 नए अस्पताल बनाएगी, घर बैठे मिलेगी दवा
सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सेना पूर्व सैनिकों के लिए 20 नए अस्पताल स्थापित करने की योजना बना रही है, जहाँ उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी। इन अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं से लेकर संपूर्ण इलाज की व्यवस्था होगी।
वर्तमान में, पूर्व सैनिकों को भर्ती और ऑपरेशन जैसी गंभीर चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए निजी अस्पतालों से टाई-अप किया गया है। इस नई पहल के तहत, सेना अपनी ही सुविधाओं का विस्तार करेगी, जिससे पूर्व सैनिकों को अधिक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को घर पर ही दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष व्यवस्था भी की जा रही है। यह कदम उन सैनिकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या जिनके लिए अस्पताल जाना मुश्किल है।
यह घोषणा हिसार छावनी में भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान के अंतर्गत डाट आन टारगेट डिविजन द्वारा आयोजित पूर्व सैनिकों की एक रैली के दौरान की गई। इस रैली में हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस अवसर पर हरियाणा के युवाओं द्वारा सेना में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा हमेशा से ही वीर जवानों की भूमि रहा है और यहाँ के युवा देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने से कभी पीछे नहीं हटते।
रैली में सप्त शक्ति आवा की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिंदर जीत कौर और डाट आन टारगेट डिविजन के जीओसी मेजर जनरल अमित तलवार भी मौजूद रहे। इस रैली में हिसार, फतेहाबाद, जींद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और रोहतक जिलों के लगभग 1500 पूर्व सैनिकों ने भाग लिया।
आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने अपने संबोधन में हरियाणा को ‘शूरवीरों का प्रदेश’ बताते हुए कहा कि आज सेना में हरियाणा के युवाओं की बड़ी संख्या सेवाएँ दे रही है और वे देश के लिए बलिदान होने से कतराते नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रैली के आयोजन से तीन महीने पहले ही टीमों ने घर-घर जाकर पूर्व सैनिकों से संपर्क स्थापित करना शुरू कर दिया था ताकि उनकी समस्याओं को समझा जा सके। लगभग डेढ़ लाख पूर्व सैनिकों के खातों को एक साथ माइग्रेट किया गया है ताकि उनकी वित्तीय और अन्य समस्याओं का समाधान सरलता से हो सके। उन्होंने सप्त शक्ति कमान की प्रतिबद्धता दोहराई कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीर माताओं के साथ नियमित संचार, सशक्तिकरण, सम्मान और व्यापक देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
