परिवार की डांट से दुखी किशोरी ने लगाई फांसी, बरेली में मचा कोहराम | Bareilly suicide news
बरेली के कारेरामपुर गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां परिवार की मामूली डांट से आहत होकर एक 18 वर्षीय किशोरी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना ने पूरे गांव और क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है, साथ ही यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या हम अपने बच्चों के साथ पर्याप्त संवाद स्थापित कर पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कारेरामपुर निवासी प्रेमचंद्र प्रजापति की बेटी शिखा उर्फ पारुल को उसके परिजनों ने किसी बात पर डांट दिया था। इस बात से नाराज होकर शिखा घर के पीछे बने कमरे में चली गई और वहां छत के कुंडे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जब उसकी मां सुनीता कमरे में पहुंचीं, तो उन्होंने शिखा को फंदे पर लटका देखा, जिसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। शिखा की मौत से उसकी बहन कंचन और भाई अमित गहरे सदमे में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस गांव पहुंची और मामले की गहनता से छानबीन की। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि किशोरी ने परिजनों की डांट से दुखी होकर यह कदम उठाया है। परिवार वालों ने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम न कराने का आग्रह किया, जिस पर पुलिस ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
यह घटना समाज में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और अभिभावकों के साथ उनके संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है। ऐसे मामलों में उचित परामर्श और भावनात्मक समर्थन की कमी अक्सर गंभीर परिणाम दे सकती है।
