सड़क निर्माण घोटाले की जांच के लिए मेयर ने बनाई कमेटी
नगर निगम के एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने बुधवार को एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया है। यह मामला हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक की गई सड़क निर्माण से जुड़ा है, जिसमें बड़े पैमाने पर घोटाले का आरोप लगाया गया है।
बीते दिनों इस मामले के उजागर होने के बाद से ही नगर निगम में माहौल गरमाया हुआ था। सदन की बैठकों में पार्षदों द्वारा इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा किया गया। विशेष रूप से, भाजपा पार्षदों ने पूरे मामले की गहनता से जांच की मांग उठाई थी, जिसके बाद महापौर ने स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया।
महापौर ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए, स्वयं मौके पर जाकर निगम के अधिकारियों के साथ सड़क का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और उपयोग की गई सामग्री पर सवाल उठाए। निरीक्षण के बाद, उन्होंने तत्काल प्रभाव से एक जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
इस जांच कमेटी में महापौर ने विभिन्न पार्षदों को शामिल किया है, जिसमें पार्षद हेमंत प्रजापति, विपक्षी पार्षद यशपाल सिंह, पार्षद प्रवीना राजावत, और पार्षद वीरेंद्र लोदी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कमेटी का हिस्सा होंगे, जिनमें अपर नगर आयुक्त, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, और अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव शामिल हैं।
इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण प्रक्रिया में हुई कथित खामियों, अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच करना होगा। कमेटी को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह कदम शहर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
