साइबर ठगों का जाल: रिटायर्ड बैंककर्मी से निवेश के बहाने 55.50 लाख की ठगी
देहरादून में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक रिटायर्ड बैंककर्मी को निवेश के सुनहरे सपने दिखाकर 55.50 लाख रुपये की चपत लगा दी गई। ठगों ने बड़ी चालाकी से शेयर बाजार की जानकारी देने और मुनाफे का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे लाखों रुपये अपने खातों में जमा करवा लिए।
जानकारी के अनुसार, पंडितवाड़ी निवासी सीएल अग्निहोत्री ने 19 अगस्त को शेयर बाजार के बारे में जानकारी के लिए गूगल पर सर्च किया था। इसी दौरान उन्हें एक मुफ्त डीमेट अकाउंट खोलने का प्रस्ताव मिला, जिसमें डिस्काउंट पर ट्रेडिंग करने का आकर्षक लाभ बताया गया। प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद, उन्हें एक लिंक भेजा गया, जिसके माध्यम से वे एक ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ गए। कुछ दिनों बाद, उन्हें एक विशेष ‘वीआइपी कम्युनिटी ग्रुप’ में शामिल किया गया, जिसके एडमिन अमित विनायक घाग और निधि चौखानी थे। इस ग्रुप में करीब 75 सदस्य थे और ठग प्रतिदिन शाम को शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी साझा करते थे, जिससे पीड़ित का विश्वास और बढ़ता गया।
ठगों ने पीड़ित को एक ऐप डाउनलोड करने का निर्देश दिया और एक लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया। पीड़ित ने 10 सितंबर को अपनी पत्नी के आधार कार्ड का उपयोग करके डीमेट अकाउंट खोला और ठगों के कहे अनुसार एक लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद, ठगों ने विभिन्न तिथियों में कुल 55.50 लाख रुपये पीड़ित से जमा करवा लिए। जब पीड़ित ने अपनी जमा की गई रकम को निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने उनसे 21 लाख रुपये और जमा करने की मांग की। इस मांग से पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठगों की तलाश जारी है। यह घटना आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि वे ऑनलाइन निवेश के ऐसे आकर्षक प्रस्तावों से सावधान रहें।
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