साइबर ठगी से बुजुर्गों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान, लाखों की ठगी के मामले आए सामने
साइबर अपराधी आए दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’, केवाइसी अपडेट, इनकम टैक्स नोटिस, बिजली बिल भुगतान, लोन एप, फर्जी कूरियर पार्सल और ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब जैसे कई हथकंडों का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे हैं। पिछले छह महीनों में करोड़ों रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। गोमतीनगर निवासी रूप कुमार शर्मा ने हाल ही में एक ऐसे ही लिंक को खोलने से बचकर स्वयं को ठगी का शिकार होने से बचाया। इसके बाद उन्होंने अन्य लोगों को व्हाट्सएप के माध्यम से जागरूक किया और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने की अपील की।
साइबर ठगी के सबसे गंभीर मामलों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ शामिल है, जहां अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई या एनआईए अधिकारी बताकर पीड़ित को वीडियो कॉल पर डराते हैं। वे नकली वर्दी, गिरफ्तारी वारंट दिखाकर दबाव बनाते हैं और बैंक विवरण मांगते हैं। राजाजीपुरम निवासी एक पूर्व रेलवे अधिकारी और शिक्षक को इसी तरह आतंकी से जोड़कर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 30.57 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। साइबर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जालसाजों के खाते में 6.5 लाख रुपये फ्रीज करवाए हैं, लेकिन शेष रकम की वसूली के लिए पीड़ित अभी भी थाने के चक्कर काट रहे हैं।
इसी तरह, अलीगंज की एक महिला बैंक कर्मचारी से फर्जी केवाइसी अपडेट के नाम पर 4.25 लाख रुपये ठग लिए गए। छह महीने बीत जाने के बाद भी पैसे वापस नहीं मिले और परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। एक इंजीनियरिंग छात्र को ऑनलाइन पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर 1.8 लाख रुपये ठगे गए। इंदिरानगर निवासी आनंद कुमार राय को उनके परिचित बनकर बीमारी का बहाना बनाकर ढाई लाख रुपये ऐंठ लिए गए। इन मामलों में पुलिस को शिकायत की गई है, लेकिन कई पीड़ित ऐसे भी हैं जिनकी रकम वापस नहीं मिली है।
पुलिस उपायुक्त अपराध, कमलेश दीक्षित ने लोगों से अपील की है कि वे डर या लालच में आकर कोई भी निर्णय न लें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं: सरकारी एजेंसियां कभी भी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या पूछताछ नहीं करती हैं। कोई भी कॉलर यदि आधार, ओटीपी, बैंक डिटेल मांगे या स्क्रीन शेयरिंग का आग्रह करे, तो तुरंत कॉल काट दें। किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें। बिजली बिल, टैक्स, बैंक अपडेट जैसे संदेशों के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही सत्यापन करें। ऑनलाइन नौकरी या निवेश के नाम पर पैसे भेजने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
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