साइबर सिटी में वायु प्रदूषण से जंग: निगम की एंटी-स्मॉग गन का छिड़काव शुरू
गुरुग्राम, जिसे साइबर सिटी के नाम से भी जाना जाता है, तेजी से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। इस गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए, गुरुग्राम नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एंटी-स्मॉग गन का उपयोग शुरू किया है। निगम को तीन नई एंटी-स्मॉग गन प्राप्त हुई हैं, और आगामी 11 दिसंबर तक शहर की सड़कों पर कुल दस ऐसी मशीनें पानी का छिड़काव करती नजर आएंगी। इन मशीनों को शहर की प्रमुख सड़कों पर तैनात किया गया है, ताकि हवा में उड़ने वाली धूल को नियंत्रित किया जा सके और वायु गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, ये एंटी-स्मॉग गन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकले शोधित पानी का उपयोग कर रही हैं। पानी के छिड़काव से धूल के कण नीचे बैठ जाते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके अतिरिक्त, पानी के टैंकरों के माध्यम से भी सड़कों पर नियमित रूप से छिड़काव किया जा रहा है, ताकि धूल उड़ने की समस्या को कम किया जा सके।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन के अलावा, निगम ने अन्य कई उपाय भी किए हैं। सड़क किनारे जमा धूल-मिट्टी को हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शहर में फैले निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट, बागवानी कचरा, खरपतवार और प्लास्टिक कचरे को भी विशेष अभियान के तहत उठाया जा रहा है। रात के समय, निगम की 19 रोड स्वीपिंग मशीनें मुख्य सड़कों की मशीनरी सफाई कर रही हैं, ताकि दिन के समय यातायात प्रभावित न हो और सड़कों की स्वच्छता बनी रहे।
निगमायुक्त ने इस बहु-स्तरीय कार्य योजना पर जोर देते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करने की बात कही। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही, नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे कचरा न जलाएं, बल्कि निर्धारित स्थानों पर ही कचरा डालें और शहर की स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करें।
यह उम्मीद की जा रही है कि नगर निगम के ये प्रयास आने वाले दिनों में गुरुग्राम के प्रदूषण स्तर को कम करने और शहर की स्वच्छता स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुग्राम और मानेसर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है, जिससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं और लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में, इन उपायों का प्रभावी कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
