ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे पर बवाल, प्रदर्शनकारियों ने किया पथराव (Rishikesh news)
उत्तराखंड के ऋषिकेश में वन भूमि सर्वे को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश रविवार को हिंसक हो गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रहे इस सर्वे के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने न केवल हाईवे को जाम किया, बल्कि रेलवे ट्रैक को भी बाधित कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया।
यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को शुरू हुआ था, लेकिन प्रशासन इसकी गंभीरता को भांप नहीं पाया। रविवार को जब वन विभाग की टीमें फिर से सर्वे के लिए पहुंचीं, तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। शाम को पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर कानून-व्यवस्था बहाल की।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रहा है सर्वे
ऋषिकेश नगर निगम का बाहरी क्षेत्र वन भूमि पर बसा हुआ है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को इस क्षेत्र में खाली पड़ी भूमि का सर्वे करने और 5 जनवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
1 लाख की आबादी पर असर की आशंका
स्थानीय लोगों के बीच यह आशंका है कि इस सर्वे से करीब 1 लाख की आबादी प्रभावित होगी और उनके घर उजड़ जाएंगे। सर्वे के पहले दिन विरोध सीमित था, लेकिन लोगों में आक्रोश चरम पर था। शनिवार को हाईवे जाम होने के बाद भी पुलिस प्रशासन स्थिति की गंभीरता का सही आकलन नहीं कर पाया।
वन विभाग की टीमें मीरानगर, शिवाजी नगर, बैराज मार्ग, बीस बीघा, बापू ग्राम, सुमन विहार, अमित ग्राम और मालवीय नगर सहित कई वार्डों में खाली पड़ी वन भूमि की नपाई कर रही हैं। कई क्षेत्रों में लोगों ने वन विभाग द्वारा लगाए गए बोर्ड को भी उखाड़ फेंका है।
प्रशासन का बयान
उपजिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश सिंह मेहरा ने बताया कि सर्वे का कार्य सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया जा रहा है और यह लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि आगे की स्थिति पर मंथन किया जा रहा है।
