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नए साल 2026 के लिए ऋषिकेश तैयार: कैंपों में बुकिंग शुरू, जानिए क्या है पर्यटकों के लिए खास?

By Dec 14, 2025

ऋषिकेश में नए साल 2026 के जश्न की तैयारी शुरू हो गई है। पर्यटक कैंपों और होटलों में बुकिंग के लिए फोन कर रहे हैं। उत्तराखंड में ऋषिकेश नए साल के जश्न के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

नए साल के जश्न को लेकर कैंप-होटलों में तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि, अभी बहुत अधिक एडवांस बुकिंग नहीं है, लेकिन जानकारी के लिए कारोबारियों के पास पर्यटकों के फोन आ रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि 20 दिसंबर के बाद स्थिति और साफ होगी, लेकिन वह अपने स्तर से तैयारियों में जुटे हैं।

नए साल का जश्न मनाने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक शिवपुरी, कौड़ियाला, मोहनचट्टी पहुंचते हैं। इसमें दिल्ली-एनसीआर के पर्यटक सबसे अधिक रहते हैं। इस क्षेत्र में करीब 200 कैंप हैं। पर्यटक कैंपों में नया साल मनाना अधिक पसंद करते हैं। इन कैंपों में नए साल के जश्न पर कैंप फायर, म्यूजिक, आतिशबाजी के कार्यक्रम होते हैं। एक व्यक्ति का एक रात का खर्च करीब 1500 से 2000 रुपये के बीच रहता है।

कैंप संचालक और पर्यटन कारोबारी किशोर कंडारी का कहना है कि नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग स्वजन और दोस्तों के साथ कैंपों में आते हैं। नए साल के जश्न के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। पर्यटन कारोबारी कमल सिंह पुंडीर, हिमांशु रावत, चंद्रपाल भंडारी का कहना है कि उम्मीद है कि बड़ी संख्या में पर्यटक नया साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचेंगे। कैंपों की ओर से शुरुआती तैयारी की गई है। कई बार 30 दिसंबर और 31 दिसंबर की देर शाम ही अचानक पर्यटक कैंपों में पहुंचते हैं।

कैंप संचालक किशोर कंडारी का कहना है कि आमतौर पर स्थानीय लोग नया साल मनाने के लिए कैंपों में कम आते हैं। स्थानीय लोगों के लिए भी विशेष छूट आदि की तैयारी की जा रही है। पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में कैंप, होटल खुले हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। कैंप संचालक अब पर्यटकों तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का प्रयोग कर रहे हैं। इसके लिए आफरों को तैयार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के भी पैकेज तैयार किए जा रहे हैं।

रविवार शाम को ऋषिकेश में वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे जाम की स्थिति बन गई। द्वितीय शनिवार का अवकाश होने के चलते कई लोग शुक्रवार शाम को ही पहुंच गए थे। पर्यटक अलग-अलग जगह कैंपों, होटलों में ठहरे। शाम चार बजे बाद लोगों ने वापसी शुरू की।

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