पूर्वी सिंहभूम को कुष्ठ मुक्त बनाने का संकल्प, 30 जनवरी से स्पर्श जागरूकता अभियान शुरू | Jharkhand News
पूर्वी सिंहभूम को कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दो महत्वपूर्ण अभियानों की रूपरेखा तय की गई है। जिले में 30 जनवरी से ‘स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान’ चलाया जाएगा, जो 14 फरवरी तक जारी रहेगा। इसके बाद, 9 मार्च से 23 मार्च तक ‘कुष्ठ रोगी खोज अभियान’ (चक्र-2) के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान करेंगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कुष्ठ रोग के लक्षण वाले व्यक्तियों का समय पर पता लगाकर उनका इलाज शुरू किया जा सके, जिससे बीमारी को फैलने से रोका जा सके। ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभाओं और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है, जहाँ छात्रों के बीच क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कुष्ठ रोग को हराकर स्वस्थ हुए लोगों को सम्मानित कर समाज के लिए प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया जाएगा।
30 जनवरी को कुष्ठ निषेध दिवस के अवसर पर, बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्त ने आम जनता से इन अभियानों में सक्रिय सहयोग करने और बीमारी के लक्षण दिखने पर उसे छिपाने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है। इस पहल से न केवल प्रभावित व्यक्तियों को लाभ होगा, बल्कि पूरे समुदाय को एक स्वस्थ और कुष्ठ मुक्त वातावरण मिलेगा।
