कृषि विवि और आयुर्वेद संस्थान के बीच शोध को मिलेगा बढ़ावा, जानें क्या है एमओयू
रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी और केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, झांसी के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य कृषि, आयुर्वेद और संबंधित विज्ञानों के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। यह पहल विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करना और स्थानीय लोगों की आजीविका में सुधार लाना है।
इस एमओयू के तहत, दोनों संस्थान औषधीय पौधों की पहचान, उनके सक्रिय घटकों के निष्कर्षण और संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर मिलकर काम करेंगे। यह विद्यार्थियों के शोध कार्यों को नई दिशा देगा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई, जबकि आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह ने बुंदेलखंड क्षेत्र में औषधीय पौधों के गुणों की पहचान पर जोर दिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दोनों संस्थानों के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे।
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