दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम तेज, अब नहीं होगी परेशानी, Gurugram commuters को मिलेगी राहत
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को लंबे समय से हो रही परेशानियों से जल्द ही निजात मिलने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वपूर्ण मार्ग पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया है, जिसका सीधा लाभ Gurugram commuters को मिलेगा। यह पहल विशेष रूप से कोहरे के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पिछले दो-तीन सालों से रखरखाव के अभाव में एक्सप्रेसवे की हालत काफी खराब हो गई थी, जिससे जगह-जगह गड्ढे और टूटी रेलिंग आम बात थी।
सबसे पहले, मुख्य मार्ग पर बने गड्ढों को भरा जा रहा है ताकि सर्दियों में घने कोहरे के कारण कोई हादसा न हो। इसके साथ ही, एक्सप्रेसवे के किनारे लगे पेड़ों की छंटाई का काम भी तेजी से चल रहा है, जिससे कई स्थानों पर बाधित हो रही यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। लाइटों को ठीक करने का कार्य भी प्रगति पर है, जो रात के समय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
धौलाकुआं से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक फैला यह एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाईवे का एक अहम हिस्सा है। हालांकि, पूरे एक्सप्रेसवे की हालत दयनीय थी, लेकिन गुरुग्राम क्षेत्र में सिरहौल बॉर्डर से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक का हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित था। इस खंड में न तो रेलिंग ठीक थी और न ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स व्यवस्थित थे। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक की सर्विस लेन की हालत इतनी खराब थी कि पैदल चलना भी मुश्किल था।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के कारण काम की गति थोड़ी धीमी है, लेकिन इसके हटते ही मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाएगी। अगले कुछ महीनों के भीतर एक्सप्रेसवे की पूरी तस्वीर बदलने की उम्मीद है। नरसिंहपुर के आसपास जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सर्विस लेन को ऊंचा किया जाएगा और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) की सड़कें बनाई जाएंगी, जो मानसून में भी खराब नहीं होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे की खराब हालत अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण न करने का परिणाम थी। उनका सुझाव है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद भी अधिकारी समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहें और 24 घंटे के भीतर किसी भी गड्ढे को भरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।
