MDA को रिकॉर्ड कमाई, पर Moradabad news में जनता को हाउसिंग स्कीम का इंतजार
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों और चुनौतियों से भरा रहा। एक ओर जहां प्राधिकरण ने वित्तीय मोर्चे पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया और भविष्य की योजनाओं के लिए बड़ा लैंड बैंक तैयार किया, वहीं दूसरी ओर आम जनता को सस्ती और नियोजित आवासीय योजनाओं का इंतजार ही रहा। प्राधिकरण ने पूरे साल में एक भी नई हाउसिंग स्कीम लॉन्च नहीं की, जिससे शहर में अवैध कॉलोनियों के पनपने का सिलसिला जारी रहा।
रिकॉर्ड आय और लैंड बैंक की उपलब्धि
वित्तीय वर्ष 2025 में MDA ने मॉडल भवन उपविधि और मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स लागू करने के बाद नक्शा स्वीकृति और शमन से 43.54 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक आय अर्जित की। इस प्रदर्शन के साथ मुरादाबाद प्राधिकरण प्रदेश में चौथे स्थान पर रहा, जिसने मेरठ और कानपुर जैसे बड़े प्राधिकरणों को भी पीछे छोड़ दिया। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण ने वर्षों बाद जमीन की कमी से जूझने के बाद करीब ढाई हजार बीघा जमीन का लैंड बैंक तैयार किया। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत शिवालिक नगर और गोविंदपुरम टाउनशिप के लिए 137 एकड़ भूमि खरीदी गई।
आवासीय योजनाओं में देरी
अहम उपलब्धियों के बावजूद, 2025 में जनता के लिए सबसे बड़ी निराशा नई आवासीय योजनाओं का लॉन्च न होना रहा। दिल्ली रोड पर 22 साल बाद प्रस्तावित गोविंदपुरम टाउनशिप के लिए RERA पंजीकरण भी हो चुका है, लेकिन इसकी लॉन्चिंग नए साल में होने की उम्मीद है। इसी तरह, सह्याद्रि टाउनशिप, जो 2011 से कानूनी उलझनों में फंसी थी, अब दोबारा पटरी पर लौटी है, लेकिन इसकी बुकिंग भी 2026 में ही शुरू होने की संभावना है।
अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने में नाकामी
MDA के लिए 2025 में एक बड़ी नाकामी अवैध कॉलोनियों और निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने में रही। शहर में नियोजित विकास के दावों के बीच अवैध निर्माणों का बढ़ना प्राधिकरण के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि, प्राधिकरण ने कुछ बुनियादी ढांचे और सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे किए, जिनमें दिल्ली रोड पर भव्य प्रवेश द्वार, वेस्ट टू वंडर पार्क का निर्माण और कांठ रोड पर आंबेडकर पार्क का विकास शामिल है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
MDA उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के अनुसार, प्राधिकरण ने 2025 में मजबूत लैंड बैंक तैयार कर मुरादाबाद के नियोजित विकास की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि गोविंदपुरम और सह्याद्रि टाउनशिप योजनाएं अब धरातल पर उतरने को तैयार हैं और आने वाला वर्ष शहर को सस्ती, सुव्यवस्थित आवासीय सुविधाएं देने वाला होगा। हालांकि, बढ़ती आबादी और अवैध निर्माण के दबाव के बीच 2026 में MDA के सामने जनता का भरोसा कायम करने की बड़ी चुनौती होगी।
