रूपौली में सरकारी भूमि से अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का चाबुक, सोमवार तक का अल्टीमेटम
पूर्णिया के रूपौली अनुमंडल में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बाजारों और सड़कों पर कब्जा जमाए अतिक्रमणकारियों को सोमवार, 8 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि निर्धारित समय तक अतिक्रमणकारी अपनी दुकानें और निर्माण नहीं हटाते हैं, तो मंगलवार, 9 दिसंबर से बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
यह कार्रवाई विशेष रूप से बिरौली बाजार से शुरू की गई है, जहाँ एसडीओ के आदेश पर माइक से घोषणा कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद रूपौली थाना चौक, टीकापटी और मोहनपुर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। बिरौली बाजार के कुछ दुकानदार प्रशासन की सख्ती को देखते हुए स्वतः ही अपनी दुकानें हटाने लगे हैं, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या सभी अतिक्रमणकारी समय सीमा के भीतर कार्रवाई करते हैं या बुलडोजर का इंतजार करते हैं।
अंचलाधिकारी, रूपौली के अनुसार, “मंगलवार से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, सभी को माइक से इसकी सूचना दे दी गई है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्षेत्र की जनता लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही है। बाजारों के अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में भी पक्की सड़कों पर लोगों ने अपने बथान बना लिए हैं और माल-मवेशी व चारा सड़क पर फैला रखा है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाएं भी आम हो गई हैं। इसी प्रकार, एसएच 65 के दोनों किनारों पर रूपौली से टीकापटी तक लोगों द्वारा सड़क की जमीन घेर लेने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और गंभीर हादसे भी होते हैं।
नई सरकार के गठन के बाद से ही अतिक्रमण हटाने का सिलसिला तेज हो गया है। प्रशासन का यह कदम आम जनता के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जो लंबे समय से अवैध कब्जों के कारण परेशान थी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस अभियान को कितनी गंभीरता से लागू करता है और कब तक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा पाता है।
