अररिया: महिला को तीन माह बंधक बनाकर मतांतरण का दबाव, नौ पर मुकदमा
बिहार के अररिया जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे तीन महीने तक अगवा कर बंधक बनाकर रखा गया और जबरन मतांतरण के लिए दबाव डाला गया। इस गंभीर मामले में महिला की शिकायत पर नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, फारबिसगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला को कथित तौर पर 25 अगस्त को नरपतगंज थाना क्षेत्र निवासी मो. आलम आजाद ने फोन कर झांसा दिया कि उसके पति ने बुलाया है। जब वह घर से निकली तो आलम ने उसे जबरन अपनी कार में बैठाया और सुपौल जिले के भीमपुर गांव ले गया।
महिला का आरोप है कि उसे कई दिनों तक भीमपुर में बंधक बनाकर रखा गया, जिसके बाद उसे अररिया लाया गया। यहां उसके आधार कार्ड के साथ छेड़छाड़ की गई। महिला ने यह भी सुना कि आरोपी उसे दूसरे लोगों से विदेश में बेचने की बात कर रहा था। इसके बाद उसे फिर भीमपुर और आलम के पैतृक गांव में कैद रखा गया, जहां उस पर आपत्तिजनक खाद्य पदार्थ खिलाने और मतांतरण करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसे मारपीट कर प्रताड़ित किया गया।
आरोप है कि इसके बाद मो. आलम उसे सहरसा से दिल्ली ले गया, जहां कई दिनों तक एक किराए के मकान में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान महिला को उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
लंबे समय तक उत्पीड़न और कैद झेलने के बाद, महिला किसी तरह 25 नवंबर को अपने ससुराल पहुंची। शुरू में डर और सामाजिक कलंक के भय से वह चुप रही, लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाई और अपने पति के साथ अररिया व्यवहार न्यायालय पहुंचकर 27 नवंबर को नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया। न्यायालय ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।
