राजस्थान हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती घोटाला: ब्लूटूथ, स्पाई कैम से नकल; 4 क्लर्क गिरफ्तार
राजस्थान हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती परीक्षा 2022 में बड़े पैमाने पर धांधली का मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने इस मामले में चार जूनियर क्लर्कों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने परीक्षा में नकल करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया था। गिरफ्तार किए गए क्लर्कों में दिनेश कुमार, मनोज कुमार बोरान, रमेश कुमार और मनीष बुढ़िया शामिल हैं, जो राजस्थान की विभिन्न अदालतों में कार्यरत थे।
SOG अधिकारियों के अनुसार, इन क्लर्कों ने जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट, क्लर्क ग्रेड-II और असिस्टेंट क्लर्क ग्रेड-II की परीक्षाओं में अनुचित साधनों का उपयोग करके अपनी नौकरी हासिल की थी। जांच तब शुरू हुई जब कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं। SOG ने EO-RO परीक्षा में धांधली की जांच के दौरान इस हाई कोर्ट क्लर्क परीक्षा घोटाले का पर्दाफाश किया।
जांच में पता चला कि नकल के लिए एक संगठित गिरोह काम कर रहा था, जिसका नेतृत्व मास्टरमाइंड पौरव कालेर और उसके सहयोगी तुलसीराम कालेर कर रहे थे। ये दोनों उम्मीदवारों से लाखों रुपये वसूलते थे। दिनेश से 3 लाख, मनोज से 4 लाख, रमेश से 5 लाख और मनीष से 3 लाख रुपये लिए गए थे। गिरोह ने नकल कराने के लिए स्पेन से 90,000 रुपये का ‘इनोवा कैम ड्रॉप बॉक्स स्पाई कैमरा’ खरीदा था। यह कैमरा परीक्षा केंद्र के अंदर उम्मीदवारों को पेपर लीक करने और बाहर से उत्तर भेजने में मदद करता था।
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