आरडीए की पहली टाउनशिप में भूखंडों पर आवेदनों की कमी, विकास पर सवाल
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) अपनी पहली आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रहा है, जिसे ‘नया रामपुर’ के रूप में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने का लक्ष्य है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुल 1289 भूखंड उपलब्ध हैं, जिनमें विभिन्न आकार जैसे 86, 134, 193, 239, 344, 538, 956 और 1195 स्क्वायर यार्ड शामिल हैं। हालांकि, भूखंडों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद, प्राधिकरण को उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। निर्धारित अवधि में कुल 1289 भूखंडों के सापेक्ष केवल 475 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
इस परियोजना के विकास में तेजी लाने के लिए, सड़कों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये के टेंडर दूसरी बार जारी किए गए हैं। पहले जारी किए गए लगभग 46 करोड़ रुपये के टेंडरों में ठेकेदारों की ओर से पर्याप्त आवेदन प्राप्त नहीं हुए थे। प्राधिकरण अब इस टाउनशिप को गेटेड कॉलोनी, चौड़ी सड़कों, भूमिगत बिजली लाइनों और हरे-भरे क्षेत्रों जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए पेयजलापूर्ति के लिए पानी की टंकियों के निर्माण और बिजली की अंडरग्राउंड लाइनों के लिए सड़कों के साथ ही कार्य योजना तैयार की जा रही है।
भमरौआ और पहाड़ी क्षेत्र में विकसित की जा रही इस टाउनशिप को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आरडीए ने इस परियोजना के लिए अपने बजट को भी 6.68 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 833 करोड़ रुपये कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, भूखंडों पर आवेदनों की यह कमी चिंता का विषय है और प्राधिकरण को इस परियोजना को गति देने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। टाउनशिप की बाउंड्री का निर्माण कार्य चार फीट की ऊंचाई तक पूरा हो चुका है, लेकिन सड़कों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण में देरी परियोजना के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रही है।
