रायबरेली के 29 स्कूलों में खुलेंगी स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा का होगा विस्तार
रायबरेली जिले में शिक्षा के स्तर को उन्नत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद के 46 माध्यमिक राजकीय विद्यालयों में से पहले चरण में 29 विद्यालयों का चयन स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना के लिए किया गया है। इस परियोजना के तहत, प्रत्येक चयनित विद्यालय में दो-दो स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे, जो छात्रों को आधुनिक शैक्षिक माहौल प्रदान करेंगे।
परियोजना ने चयनित विद्यालयों की सूची जारी कर दी है और संबंधित प्रधानाचार्यों को स्मार्ट क्लास के लिए उपयुक्त कमरों का चिन्हांकन करने तथा उनमें बिजली व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्मार्ट क्लासरूम में प्रत्येक में चार कंप्यूटर और एक एलईडी टीवी लगाया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक आकर्षक और प्रभावी बन सकेगी।
इस पहल के क्रियान्वयन के लिए दो संस्थाओं का चयन किया गया है, जो चयनित विद्यालयों में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करेंगी। अधिकारियों का प्रयास है कि इसी वर्ष इन स्मार्ट क्लासों का संचालन शुरू कर दिया जाए। चयनित विद्यालयों में जीजीआइसी बाला, राजकीय हाईस्कूल, दीन दयाल उपाध्याय मॉडल, राजकीय विद्यालय सनेही, जीजी हायर सेकेंडरी स्कूल, राजकीय हाईस्कूल विनोवा, राजकीय विद्यालय टेरा बरौला, राजकीय हाईस्कूल पिंडारी कला, दीन दयाल राजकीय, दीन दयाल मॉडल, जीजीआइसी हरियावां, राजकीय बालिका हाईस्कूल, राजकीय बालिका गौरा, जवाहर इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका खीरों, राजकीय बालिका लालगंज, बालिका इंटर कॉलेज महराजगंज, राजकीय हाईस्कूल सूची, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सलोन, राजकीय इंटर कॉलेज बुजुर्ग और हाईस्कूल सेकेंडरी स्कूल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
स्मार्ट क्लासरूम में छात्रों को कंप्यूटर की शिक्षा देने के लिए प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय के एक विज्ञान शिक्षक को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया जाएगा। यह चयनित शिक्षक प्रतिदिन विद्यालय समयावधि के दौरान चार घंटे तक छात्रों को कंप्यूटर का ज्ञान प्रदान करेगा। इस व्यवस्था से छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे व्यावहारिक रूप से कंप्यूटर का उपयोग करना भी सीखेंगे, जो भविष्य के लिए एक आवश्यक कौशल है।
जिला समन्वयक ने बताया कि सभी चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है और उनसे स्मार्ट क्लास के लिए कक्ष का चयन कर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने तथा उसकी सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह कदम प्रदेश सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
