राशन कार्ड बनवाने के नियम सख्त: अब दो गवाहों का शपथ-पत्र होगा अनिवार्य
देहरादून में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब पहले की तरह आसान नहीं रह गई है। जिला पूर्ति विभाग ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत, राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को दो गवाहों (गारंटर) का शपथ-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इन गवाहों के नाम, पते, मोबाइल नंबर के साथ-साथ उपभोक्ता से उनके संबंध का स्पष्ट उल्लेख शपथ-पत्र में करना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि हाल ही में देहरादून में कुछ बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों और पहचान-पत्रों का इस्तेमाल कर राशन कार्ड और आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज के कार्ड बनवाए जाने के मामले सामने आए थे।nnसूत्रों के अनुसार, पुलिस ने हाल ही में पटेलनगर क्षेत्र से दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक महिला भूमि शर्मा के नाम से रह रही थी और उसने एक हिंदू युवक से शादी भी की थी। इस महिला ने फर्जी पहचान के आधार पर राशन कार्ड बनवाया और उसका उपयोग करके आयुष्मान योजना का लाभ भी उठाया। इस घटना ने सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को उजागर किया, जिसके बाद पूर्ति विभाग ने अपनी प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना दिया है।nnअब न केवल नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सख्त की गई है, बल्कि पहले से बने हुए राशन कार्डों की भी गोपनीय जांच कराई जा रही है। जिन उपभोक्ताओं के कार्ड नए बनाए जाएंगे, उनके दस्तावेजों के साथ-साथ दो गवाहों का शपथ-पत्र भी अनिवार्य होगा। यहां तक कि किराए के मकान में रहने वाले लोगों के लिए भी नियम कड़े हो गए हैं। पहले जहां रेंट एग्रीमेंट के आधार पर राशन कार्ड बन जाता था, वहीं अब मकान मालिक को भी एक गारंटर के तौर पर देखा जा सकता है, जिससे उन्हें भी एग्रीमेंट देने में सावधानी बरतनी पड़ सकती है।nnयह भी पता चला है कि कुछ परिवार केवल आयुष्मान योजना का लाभ उठाने के उद्देश्य से ही राशन कार्ड बनवा रहे थे। ऐसे ही मामलों में, पिछले दिनों लगभग 27 हजार परिवारों के राशन कार्ड अपात्र पाए जाने पर निरस्त किए जा चुके हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड बनवाने वाले उपभोक्ता को अब दो गवाहों का शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिससे योजना का लाभ सही और पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे। सरकार सुनिश्चित कर सके।”
पहुंचे।”
पहुंच सके।
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