राणा सांगा टिप्पणी मामला: सपा सांसद रामजीलाल सुमन कोर्ट में हाजिर नहीं
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा महान योद्धा राणा सांगा पर की गई कथित विवादित टिप्पणी के मामले में एक अहम सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए लोकेश कुमार की अदालत में गुरुवार को हुई। इस मामले में दायर सिविल रिवीजन पर सुनवाई के दौरान, विपक्षी संख्या एक के रूप में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उनके अधिवक्ता रईसुद्दीन ने अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अदालत ने अधिवक्ता को मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज सौंपे।
हालांकि, इस मामले में विपक्षी संख्या दो, राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन, व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति को देखते हुए, न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया और रामजीलाल सुमन को दोबारा नोटिस भेजे जाने का आदेश दिया। इसके साथ ही, अदालत ने मामले की मूल पत्रावली भी तलब की है। इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख पांच दिसंबर नियत की गई है, जिसमें रामजीलाल सुमन की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
यह सिविल रिवीजन, रिवीजनकर्ता अजय प्रताप सिंह द्वारा दायर किया गया था, जिनके अधिवक्ता नरेश सिकरवार और एसपी सिंह सिकरवार अदालत में मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने अदालत को सूचित किया कि विपक्षी सदस्य रामजीलाल सुमन आज सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, रिवीजनकर्ता एडवोकेट अजय प्रताप सिंह ने गत 24 मार्च को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद रामजीलाल सुमन को इस मामले में विपक्षी बनाते हुए एक सिविल वाद दायर किया था। निचली अदालत द्वारा इस प्रकीर्ण वाद को खारिज कर दिए जाने के आदेश के खिलाफ ही सत्र न्यायालय में यह रिवीजन दाखिल किया गया था। अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई पर दोनों पक्षों को विस्तार से सुनेगी।
