रामनगर में वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ से चरमराई यातायात व्यवस्था, जाम ने बढ़ाई मुसीबत
रामनगर में सप्ताहांत पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। रविवार और सोमवार को अवकाश होने के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक शहर पहुंचे, जिससे सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया। सुबह दस बजे के बाद से ही वाहनों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा।
लखनपुर चौराहे पर बार-बार लगने वाले जाम ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। यातायात की धीमी गति के कारण वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ रहे थे। इस जाम से स्कूली बच्चों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल से घर लौट रहे बच्चों के वाहन भी जगह-जगह जाम में फंस गए, जिससे उन्हें देर शाम तक घर पहुंचना पड़ा। जाम की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों को जाम से बचने के लिए संकरी गलियों और मोहल्लों की सड़कों का सहारा लेना पड़ा।
समस्या को और बढ़ाने में सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़े फल, सब्जी और खाद्य पदार्थों के ठेलों का भी योगदान रहा। इन ठेलों ने पहले से ही संकरी सड़कों को और भी बाधित कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही और मुश्किल हो गई। लखनपुर से कोटद्वार रोड पर भी वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि, दोपहर तीन बजे के बाद यातायात में कुछ हद तक सुधार देखा गया।
इस जाम की चपेट में विधायक दीवान सिंह बिष्ट भी आ गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कोतवाल सुशील कुमार से बात की है और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के निर्देश दिए हैं। विधायक ने यह भी आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से भी इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। स्थानीय लोगों ने यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं और व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
