राम नगरी छह दिसंबर को लेकर हाई अलर्ट पर, सुरक्षा कड़ी
विवादित ढांचा विध्वंस की 32वीं बरसी, छह दिसंबर के मद्देनजर रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका के चलते सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। छह दिसंबर से ठीक एक दिन पहले ही अयोध्याधाम में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की सघनता से जांच की जा रही है।
छह दिसंबर 1992 को रामजन्मभूमि परिसर में स्थित विवादित ढांचा ढहा दिया गया था। इस ऐतिहासिक घटना की बरसी पर, रामजन्मभूमि परिसर के साथ-साथ रामनगरी के सभी प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती के साथ-साथ, पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। ड्रोन के माध्यम से भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने होटलों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउसों और होम स्टे पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इन स्थानों पर निरंतर पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी बाहरी व्यक्ति या संदिग्ध की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। पुलिस लगातार विभिन्न नाकों पर वाहनों की चेकिंग अभियान चला रही है।
सूत्रों के अनुसार, राममंदिर की सुरक्षा कई स्तरों पर सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार परिसर का भ्रमण कर रहे हैं और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
सीमावर्ती जिलों से भी समन्वय स्थापित कर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी बाहरी खतरे को रोका जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते की मदद से गहन छानबीन कराई जा रही है, ताकि किसी भी तरह के खतरे को पहले ही निष्क्रिय किया जा सके।
