राजस्थान की जेलों से पंजाब में हथियार तस्करी का खुलासा, ISI एजेंट जस्सा का नेटवर्क बेनकाब
लुधियाना में हाल ही में हथियारों की बरामदगी ने पंजाब में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि राजस्थान की जेलों से और वहां के कुछ व्यक्तियों की मिलीभगत से पंजाब में धड़ल्ले से हथियारों की तस्करी की जा रही है। पुलिस इस संबंध में 26 संदिग्धों की तलाश में जुटी है, और इस पूरे खेल के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट जसवीर चौधरी उर्फ जस्सा की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की टीमें राजस्थान में सक्रिय ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और आगामी दिनों में बड़ी मात्रा में हथियारों की बरामदगी की उम्मीद जताई जा रही है। कुछ आरोपित राजस्थान की जेलों में बंद हैं, जिनसे पूछताछ के लिए पुलिस प्रोडक्शन वारंट जारी करने की तैयारी में है। पुलिस को उम्मीद है कि इन जेल में बंद गुर्गों से पूछताछ के दौरान हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का खुलासा हो सकेगा, जिससे इस नेटवर्क का पूर्णतः भंडाफोड़ किया जा सके।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण विदेशी एंगल भी सामने आया है। पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से लगभग 80 वर्चुअल नंबर मिले हैं, जिनका इस्तेमाल बातचीत के लिए किया जा रहा था। इनमें से एक नंबर विदेशी प्रतीत हो रहा है, जिसकी जांच की जा रही है कि वह किस देश का है। सूत्रों का कहना है कि इससे पहले 27 दिन पहले बरामद हुए ग्रेनेड मामले में भी मलेशिया में बैठे एक व्यक्ति का विदेशी कनेक्शन सामने आया था। पुलिस अब इन दोनों मामलों को जोड़कर जांच कर रही है, ताकि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जा सके।
यह मामला 20 नवंबर को तब सामने आया जब पुलिस ने शमशेर नामक व्यक्ति और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया। ये लोग पाकिस्तान में आईएसआई के निर्देश पर लुधियाना में ग्रेनेड और हथियार पहुंचाने का काम कर रहे थे। उन्हें इस काम के बदले में नशीले पदार्थों और 12,000 रुपये का भुगतान किया जाना था। इसी दौरान, हथियारों की डिलीवरी लेने आए दो आतंकियों को पुलिस ने मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया था। अब तक की कार्रवाई में दो ग्रेनेड, पांच पिस्तौल और 40 से अधिक गोलियां बरामद की जा चुकी हैं। घायल आतंकी दीपक उर्फ दीपू और राम लाल से भी पुलिस पूछताछ की तैयारी कर रही है, उनके ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है ताकि वे भी हथियारों की डिलीवरी और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकें। पंजाब में हथियारों की सप्लाई और आतंकी नेटवर्क की जांच में पुलिस की सक्रियता जारी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
