राजपुरा में अपराधों के बढ़ते ग्राफ पर SSP का एक्शन, SHO निलंबित
पटियाला जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, थाना सिटी राजपुरा के एसएचओ इंस्पेक्टर किरपाल सिंह मोही को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने में राजपुरा इलाके में अपराधों की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी गई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
क्षेत्र में हुई वारदातों में फायरिंग, धोखाधड़ी और लूटपाट जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं। हाल ही में, राजपुरा सरहिंद रोड स्थित एक ढाबे पर 14 नवंबर को ढाबा मालिक पर तीन अज्ञात युवकों द्वारा की गई फायरिंग की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। जख्मी पारस सिंह के परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, पुलिस चार दिनों तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही। इस मामले में एसएचओ पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा था।
इसके अतिरिक्त, 78 वर्षीय एक सेवानिवृत्त जीआरपी एएसआई ने शिकायत की थी कि 5 नवंबर को उनका एटीएम कार्ड बदलकर दो युवकों ने 80 हजार रुपये निकाल लिए थे। सूत्रों के अनुसार, एसएचओ ने शुरू में शिकायतकर्ता को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में यह कहकर टालमटोल करने की कोशिश की कि आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। इस लापरवाही के चलते पीड़ित व्यक्ति को डीजीपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
एक अन्य घटना में, सितंबर और अक्टूबर के दौरान, शहर में ऑटो चालकों को निशाना बनाकर कार सवार एक गैंग द्वारा कई लूटपाट की वारदातें की गई थीं। हालांकि, बाद में सीआईए स्टाफ ने इस गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल की थी।
इन लगातार हो रही वारदातों और प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक (डी) गुरबंस सिंह बैंस ने कहा कि इंस्पेक्टर किरपाल सिंह मोही अपराध नियंत्रण में सफल नहीं हो पा रहे थे। उनकी विफलता और लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित किया गया है। उनकी जगह इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो पहले सदर राजपुरा में तैनात थे। नए एसएचओ को कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
