राजौरी-जम्मू हेलीकॉप्टर सेवा फिर शुरू: 22 मिनट में तय होगा सफर, किराया 2000 रुपये
राजौरी जिले के निवासियों के लिए एक सुखद और बहुप्रतीक्षित समाचार है। लंबे समय के बाद राजौरी और जम्मू के बीच हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। इस नई शुरुआत से अब राजौरी से जम्मू का सफर मात्र 22 मिनट में तय किया जा सकेगा, जिसके लिए 2000 रुपये का किराया निर्धारित किया गया है। यह सेवा दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क में सुधार करेगी और यात्रियों के समय की बचत सुनिश्चित करेगी।
इस सेवा के पुनः आरंभ होने से पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को महत्वपूर्ण सुविधा मिलेगी। जिला उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने हाल ही में खेल स्टेडियम खेवहरा स्थित हेलिपैड का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर सेवा का यह पुनरुद्धार आम जनता के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, विशेषकर मेडिकल इमरजेंसी, सड़क हादसों या अन्य आपात स्थितियों में, जहां समय पर पहुंचने से कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
यह सेवा राजौरी जिले के सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि इससे अन्य क्षेत्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। सेवा के सुचारु संचालन और बेहतर समन्वय के लिए अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) मलिकजादा शेराज-उल-हक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राजौरी के वरिष्ठ नागरिक डॉ. विजय गुप्ता ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम हर राजौरी वासी के लिए फायदेमंद है। उन्होंने बताया कि यह सेवा बहुत कम खर्च में राजौरी से जम्मू तक हवाई मार्ग से पहुंचा रही है, जिससे समय की भी काफी बचत होगी। उन्होंने लोगों से इस सेवा का लाभ उठाने की अपील की ताकि यह निरंतर चलती रहे।
हालांकि, कुछ नागरिकों ने सेवा के लैंडिंग प्वाइंट को लेकर सुझाव दिए हैं। नरेश कुमार, लक्ष्मीकांत और गौरव शर्मा जैसे नागरिकों ने अनुरोध किया है कि जम्मू में ड्राप प्वाइंट को शहर के केंद्र में स्थानांतरित किया जाए। वर्तमान में लैंडिंग प्वाइंट सतवारी एयरपोर्ट रखा गया है, जो शहर से काफी दूर है, जिससे यात्रियों को आगे आने-जाने में दिक्कत और अधिक समय लग सकता है। प्रशासन से उम्मीद है कि वे इन सुझावों पर विचार कर यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाएंगे।
