औरैया के 43 गांवों में बिजली पहुंचेगी, 2.16 करोड़ से 300 घरों का होगा विद्युतीकरण
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में ग्रामीण विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सौभाग्य-3 योजना के तहत, जिले के 43 गांवों में स्थित वंचित घरों को रोशन करने के लिए 2.16 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन मजरा और नई बस्तियों तक बिजली पहुंचाना है जो पूर्व की सौभाग्य योजनाओं में किसी कारणवश छूट गए थे।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से लगभग 300 उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। सौभाग्य योजना के पहले और दूसरे चरण में देश के लगभग सभी गांवों का विद्युतीकरण किया गया था और निश्शुल्क कनेक्शन व मीटर लगाने का कार्य भी संपन्न हुआ था। हालांकि, कुछ दूरदराज के मजरे और नई बस्तियों में अभी भी बिजली की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी। इसी कमी को पूरा करने के लिए सौभाग्य योजना-3 लागू की गई है।
इस परियोजना के तहत, मिश्री लाला एंड कंपनी को चिह्नित गांवों और मजरा में लाइन निर्माण का कार्य सौंपा गया है। जिन गांवों में नई लाइनें बिछाई जानी हैं, उनमें कखावतू, भरसेन, नरोत्तमपुर, चिचौली, इकौरापुर, ऊमरसाना, तुर्कीपुर, जगतपुर, सेऊपुर, अटसू, सलैया, पूठा, वरवटपुर, सुरान, धौरेरा सहित कुल 43 गांव शामिल हैं। इन गांवों के करीब 310 घरों को बिजली से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक गांव में आवश्यकतानुसार पांच से 10 कनेक्शनों के लिए नई लाइनें बिछाई जाएंगी। एक अनुमान के मुताबिक, पांच कनेक्शन वाले छोटे मजरा में लाइन निर्माण पर लगभग 25 हजार रुपये तक का खर्च आएगा, जिससे इन घरों तक बिजली की पहुंच सुनिश्चित होगी।
इस संबंध में, अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि चिह्नित गांवों के लिए ड्राइंग रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई थी और स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने और निवासियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो क्षेत्र के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगी।
