0

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में 5 जनवरी को सुनवाई, जांच रिपोर्ट लंबित

By Dec 5, 2025

हाथरस के बहुचर्चित बूलगढ़ी दुष्कर्म और हत्या मामले में न्यायालय द्वारा निर्दोष बरी किए गए युवकों के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई पांच जनवरी को होगी। इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सीओ सादाबाद को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच रिपोर्ट अभी तक न्यायालय में पेश नहीं की गई है। इसी के चलते कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तारीख निर्धारित की है।

यह पूरा मामला बूलगढ़ी में 14 सितंबर 2020 को एक अनुसूचित जाति की युवती पर हुए हमले से जुड़ा है। युवती के भाई ने गांव के संदीप नामक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में युवती के बयानों के आधार पर रवि, रवि, रामू और लवकुश के नामों को भी मामले में जोड़ा गया और धाराएं बढ़ाई गईं। 29 सितंबर 2020 को युवती की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद देशभर में इस घटना को लेकर व्यापक प्रदर्शन हुए थे।

मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसने विशेष न्यायालय एससी-एसटी अधिनियम में आरोप पत्र दाखिल किया। स्थानीय न्यायालय ने सुनवाई के बाद रवि, लवकुश और रामू को दो मार्च 2023 को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। मुख्य आरोपी संदीप को धारा 304 और एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जो वर्तमान में जेल में है।

राहुल गांधी 12 दिसंबर 2024 को बूलगढ़ी आए थे और मृतक युवती के परिजनों से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर आरोप लगाए थे और यह मामला संसद में भी उठाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए, बरी किए गए युवकों रवि, रामू और लवकुश ने अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर के माध्यम से राहुल गांधी को 50-50 लाख रुपये के मानहानि नोटिस भेजे थे।

नोटिस में कहा गया कि राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के कारण रवि, लवकुश और राम कुमार उर्फ रामू को एक सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया था। तीनों युवकों को ढाई वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहना पड़ा। हालांकि, अदालत में दुष्कर्म और हत्या के आरोप साबित नहीं हो सके। इसके बावजूद, राहुल गांधी ने कथित तौर पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि ‘रेप पीड़िता के परिवार को घर में बंद रखना और गैंगरेप के आरोपितों के खुलेआम घूमना बाबा साहेब के संविधान की मूल भावना के खिलाफ है’। इसी टिप्पणी को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है, जिसकी अगली सुनवाई अब पांच जनवरी को होगी।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें