पूर्णिया को मिलेगी बेहतर बिजली आपूर्ति, सांसद पप्पू यादव के प्रयासों से केंद्र ने दिखाई गंभीरता
सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव द्वारा पूर्णिया में विद्युत आपूर्ति, ग्रिड सुदृढ़ीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर उठाए गए मुद्दों पर केंद्र सरकार ने गंभीरता दिखाई है। केंद्रीय विद्युत एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने सांसद के पत्र का जवाब देते हुए बताया कि पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य स्तर पर एक व्यापक योजना बनाई जा रही है।
इस योजना के तहत, वर्ष 2028-2034 के बीच पूर्णिया क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से कई महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन सब-स्टेशनों की स्थापना की जाएगी। राज्यिक प्रणाली के अंतर्गत कसबा (2037-30), रानीगंज (2031-32) और सनौली (2033-34) में नए सब-स्टेशन स्थापित होंगे। अंतर-राज्यिक प्रणाली के तहत, कटिहार में 2028-30 तक एक उच्च क्षमता का ट्रांसमिशन सब-स्टेशन प्रस्तावित है, जो पूरे कोसी-सीमांचल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को मजबूती देगा।
यदि इन सब-स्टेशनों की आवश्यकता समय-सीमा से पहले महसूस होती है, तो बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) प्राथमिकता के आधार पर इन्हें राज्यिक प्रणाली के तहत शीघ्र लागू कर सकती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की रिपोर्ट के अनुसार, इन सब-स्टेशनों में कसबा में 220/132 केवी, सनौली में 132/33 केवी और रानीगंज में 220/132/33 केवी क्षमता होगी। कटिहार में 400/220 केवी का अत्याधुनिक सब-स्टेशन प्रस्तावित है।
सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार के इस जवाब का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि उद्योग, व्यापार, कृषि और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकार आपसी समन्वय से इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारेंगी, जिससे पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ सके। इस पहल से क्षेत्र की औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जो लंबे समय से बिजली की कमी से जूझ रहे थे।
