मुजफ्फरपुर में ऑनलाइन राजस्व अभिलेखों में दिक्कत, ऑफलाइन उपलब्धता की मांग
मुजफ्फरपुर में राजस्व अभिलेखों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था भू-स्वामियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। पुरानी व्यवस्था, जिसमें चिरकुट कटाने के बाद कई दिनों तक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था, को समाप्त कर दिया गया है।
भू-स्वामियों को सुविधा देने के उद्देश्य से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है, लेकिन अब इसमें कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसके चलते कई लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन माध्यम से भी अभिलेख उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रत्नेश कुमार ने बताया कि ऑनलाइन अभिलेखों में स्पष्टता का अभाव है। साथ ही, जो पुराने अभिलेख हैं और जिनका स्कैन नहीं हुआ है, उन्हें प्राप्त करने में भी परेशानी हो रही है।
बहुत पुराने राजस्व न्यायालय के अभिलेख, जिनका स्कैन नहीं हुआ है, वे भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मलकियत बंटवारा, रजिस्टर ए और 1956 के पुराने दाखिल खारिज के अभिलेख भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे कई अभिलेख हैं जिनकी आवश्यकता न्यायालय में वाद में साक्ष्य के तौर पर समर्पित करने में पड़ती है, लेकिन उनकी उपलब्धता का अभाव है। इसी को देखते हुए ऑफलाइन उपलब्धता की मांग की गई है।
