SKMCH से कैदी हथकड़ी सरका फरार, पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) से एक कैदी के भागने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्वी चंपारण जेल का कैदी सत्येन्द्र कुमार साह, जिसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, गुरुवार की देर रात हथकड़ी सरका कर फरार होने में सफल रहा। कैदी के बिस्तरे पर न होने की बात पता चलने के बाद सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने आनन-फानन में उसकी तलाश शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार, सत्येन्द्र कुमार साह को पूर्वी चंपारण सदर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच भेजा गया था। उसे मेडिसिन विभाग के वार्ड एक में बेड संख्या तीस पर भर्ती किया गया था, जहां चिकित्सक उसका इलाज कर रहे थे। अस्पताल में उस समय सत्येन्द्र साह समेत कुल तीन कैदी भर्ती थे, जिनकी सुरक्षा के लिए एक हवलदार और पांच सिपाही तैनात थे। इनमें हवलदार चंद्र किशोर झा और सिपाही विद्यांचल पासवान, विकास, अनुज, पांडव और कृष्णा राज शामिल थे। रात की ड्यूटी पर तैनात सिपाही कृष्णा राज की निगरानी में यह घटना हुई।
बताया जा रहा है कि कैदी सत्येन्द्र कुमार साह ने भागने से पहले अपने हाथों पर बड़ी मात्रा में सरसों तेल लगाया था। जब एक सिपाही ने उसे टोका तो उसने खुजली की शिकायत का बहाना बनाया। तेल लगाने के कारण उसके हाथ चिकने हो गए, जिसका फायदा उठाकर उसने मौका पाते ही हथकड़ी को सरका लिया और अस्पताल से फरार हो गया। कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया गया।
इस घटना के बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। सवाल यह उठता है कि जब कैदी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो उसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे? तेल लगाकर हथकड़ी सरकाने जैसी घटना पुलिस की ढिलाई को दर्शाती है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार कैदी की तलाश जारी है। इस घटना ने जेल और अस्पताल प्रशासन के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर किया है।
