गाजियाबाद में प्रदूषण का कहर, GRAP पाबंदियों के बावजूद हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में
गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 414 दर्ज किया गया, जिसने इसे देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बना दिया। ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बाद गाजियाबाद देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस जहरीली हवा के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियां लागू होने के बावजूद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित 20 से अधिक विभागों के अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने में विफल साबित हो रहे हैं। पाबंदियों का पालन न होने से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कोई खास रोक नहीं लग पाई है।
प्रदूषण के मुख्य कारणों में सड़कों पर खुले में पड़ी निर्माण सामग्री, सड़कों पर धूल का छिड़काव न होना, और सड़कों पर दौड़ रहे पुराने वाहन शामिल हैं। इसके अलावा, अवैध फैक्ट्रियां भी प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं।
जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए छह हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए थे, जिनमें लोनी भी शामिल है। लोनी का AQI 445 और वसुंधरा का AQI 433 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में हैं। इन हॉटस्पॉट पर प्राथमिकता से कार्रवाई होनी थी, लेकिन अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है।
Ghaziabad: फर्जी PAN card से लिया 20 लाख का लोन, बैंक मैनेजर ने दर्ज कराया मुकदमा
गाजियाबाद में 2025: उद्योगों को मिली संजीवनी, लेकिन जमीन की कमी बनी चुनौती (Ghaziabad industry news)
गाजियाबाद: किसान की निर्मम हत्या, खेत में मिला खून से सना शव; Hammer से वार कर उतारा मौत के घाट
गाजियाबाद में BJP नेता के स्वागत से लगा जाम, 2 KM तक फंसी गाड़ियां (Ghaziabad news)
गाजियाबाद में कुत्तों को लेकर विवाद, दोनों पक्षों ने लगाए छेड़खानी के आरोप, केस दर्ज | Ghaziabad news
