85 लाख की लूट में उलझी पुलिस: मुनीम के बयान और FIR में बड़ा विरोधाभास, ‘हवाला’ कनेक्शन की जांच शुरू
हापुड़ के एनएच-9 पर दिनदहाड़े 85 लाख रुपये की लूट ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, कहानी उलझती जा रही है। गौतमबुद्धनगर के दादरी के व्यापारी के मुनीम के बयान और पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बड़ा विरोधाभास सामने आया है। मुनीम ने पहले बताया था कि वह हापुड़ के व्यापारियों से रुपये लेकर लौट रहा था, जबकि व्यापारी ने रिपोर्ट में दावा किया कि उसने मुनीम को रुपये देकर हापुड़ भेजा था। यह विरोधाभास पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
एडीजी और डीआईजी ने मेरठ रेंज के सभी जिलों की पुलिस को इस हाई-प्रोफाइल लूट के खुलासे के लिए लगाया है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला हवाला (illegal money transfer) के धंधे से जुड़ा हो सकता है। जिन व्यापारियों से रुपये लिए गए थे, वे पुलिस को सटीक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी रकम लेकर मुनीम अकेला बाइक पर क्यों जा रहा था, क्या यह सुरक्षा की अनदेखी थी या कोई बड़ा खेल किया गया।
पुलिस ने पिछली लूट की घटनाओं में शामिल संदिग्धों और कई गिरोहों से पूछताछ की है। 350 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। इस घटना ने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि हाईवे पेट्रोलिंग टीमें सुरक्षा के बजाय अवैध उगाही में लगी रहती हैं। इसी क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में सूटकेस में शव मिलने की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं, जो इस इलाके की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
