PM श्री विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी, 483 छात्र केवल 4 शिक्षकों पर निर्भर
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत शुरू किए गए बक्सर के पीएम श्री विद्यालय, जो कि बीएन प्लस टू उच्च विद्यालय का हिस्सा है, अपनी स्थापना के पहले ही सत्र में गंभीर शिक्षक कमी से जूझ रहा है। इस योजना का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। विद्यालय में 483 छात्र-छात्राओं का नामांकन हुआ है, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए केवल चार शिक्षक ही उपलब्ध हैं।
सूत्रों के अनुसार, छह अन्य शिक्षकों को भी इस विद्यालय में प्रतिनियुक्ति के लिए आदेशित किया गया था, लेकिन उन्होंने योगदान नहीं दिया। बाद में पता चला कि इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति विद्यालय के नियमों के विपरीत की गई थी, जिसके कारण वे शामिल नहीं हुए। यह स्थिति सरकार की शैक्षिक मंशाओं पर पानी फेरती नजर आ रही है।
शिक्षा विभाग के आदेश पर नए सत्र में विद्यालय शुरू करने के बाद पठन-पाठन कार्य में काफी विलंब हुआ। मध्य विद्यालय, ब्रह्मपुर के कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं का नामांकन पीएम श्री विद्यालय में कर दिया गया, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति में की गई देरी ने व्यवस्था को गड़बड़ा दिया। विभाग ने पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को ही प्रतिनियुक्त कर दिया, लेकिन उनकी संख्या अपर्याप्त है।
अन्य विषयों के शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण पठन-पाठन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की उपस्थिति पर भी देखा जा रहा है, जो विद्यालय की बदहाल व्यवस्था का एक और प्रमाण है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या और शिक्षकों की कमी से विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में छात्रों को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन शिक्षा का स्तर गिरने से अभिभावक भी चिंतित हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा, लेकिन कब तक यह स्पष्ट नहीं है। इस महत्वपूर्ण योजना की सफलता शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता पर ही निर्भर करती है।
