फिजियोथेरेपिस्ट अब ‘डॉक्टर’ कहलाएंगे, केरल हाईकोर्ट ने दी स्वतंत्र प्रैक्टिस को कानूनी मान्यता
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Jan 24, 2026
केरल उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में फिजियोथेरेपिस्टों को अपने नाम के आगे ‘डॉक्टर’ की उपाधि लगाने और स्वतंत्र रूप से क्लिनिक चलाने की अनुमति दे दी है। इस निर्णय से हजारों फिजियोथेरेपिस्टों को पेशेवर पहचान मिलेगी और वे सीधे मरीजों का इलाज कर सकेंगे।
यह फैसला स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में फिजियोथेरेपी के महत्व को रेखांकित करता है। अब तक कई फिजियोथेरेपिस्टों को अपनी प्रैक्टिस के लिए अन्य डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस नए कानूनी अधिकार से वे अधिक स्वायत्तता के साथ काम कर सकेंगे। इससे मरीजों को भी बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
