फर्जी खबरों पर कसेगा शिकंजा: संसदीय समिति ने कड़े प्रावधानों की सिफारिश की
संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से फर्जी खबरें प्रकाशित या प्रसारित करने के खिलाफ मौजूदा दंडात्मक प्रावधानों में संशोधन की व्यवहार्यता का पता लगाने का आग्रह किया है। समिति की रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है कि ऐसे कृत्य में संलिप्त पाए जाने वाले पत्रकारों या इस तरह की खबरें गढ़ने वालों की मान्यता रद्द की जा सके।
भाजपा सांसद की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने सरकार को ‘फेक न्यूज’ शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने और गलत सूचना से निपटने के साथ-साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के उद्देश्य से मीडिया के लिए मौजूदा नियामक ढांचे में उपयुक्त प्रावधान शामिल करने की सलाह दी है।
फर्जी खबरों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए तंत्र की समीक्षा पर प्रस्तुत रिपोर्ट में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा गया है कि वह फर्जी खबरों की परिभाषा तय करते समय सभी संबंधित हितधारकों से व्यापक परामर्श करे। समिति ने इस बात पर जोर दिया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सहित सभी प्रकार के मीडिया के लिए प्रासंगिक अधिनियमों, नियमों और दिशा-निर्देशों में फर्जी खबर प्रकाशित और प्रसारित करने के लिए दंडात्मक प्रावधानों में संशोधन करने की तत्काल आवश्यकता है।
समिति ने यह भी कहा कि यदि कोई पत्रकार या कंटेंट क्रिएटर फर्जी खबरें बनाने और फैलाने का दोषी पाया जाता है, तो मंत्रालय उसकी मान्यता रद्द करने की संभावना पर विचार कर सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के निर्णय मीडिया संगठनों और संबंधित हितधारकों के बीच आम सहमति बनाने की प्रक्रिया से ही सामने आने चाहिए।
रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि ‘फर्जी खबर’ शब्द से संबंधित अस्पष्टता को देखते हुए, इसे सूक्ष्म तरीके से परिभाषित करने की आवश्यकता है। समिति का मानना है कि मीडिया संस्थानों में ‘फैक्ट चेक’ प्रणाली और आंतरिक लोकपाल की व्यवस्था लागू करने से स्व-नियामक तंत्र की भूमिका मजबूत होगी और भ्रामक सूचना तथा फर्जी खबरों की समस्या को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि देश के सभी प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में ‘फैक्ट चेक’ तंत्र और आंतरिक लोकपाल को अनिवार्य बनाया जाए।
