फ्लाइट संकट के बीच रेलवे का बड़ा कदम: 84 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू
इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने से देशभर में फंसे हजारों यात्रियों को राहत देने के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ी पहल की है। रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त हवाई रूटों पर 84 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो कुल 108 फेरे लगाएंगी। इस अतिरिक्त व्यवस्था से उन यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी जिनकी यात्रा फ्लाइट रद्द होने के कारण अटक गई थी, और वे बिना देरी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
रेलवे के अनुसार, इन स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों को तत्काल वैकल्पिक यात्रा साधन उपलब्ध होगा। इससे हवाई यात्रा पर पड़ रहे भारी दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह विशेष व्यवस्था 12 दिसंबर तक जारी रहेगी, जबकि कुछ आवश्यक सेवाओं में बढ़ोतरी 13 दिसंबर तक जारी रह सकती है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इंडिगो एयरलाइंस में नए पायलट ड्यूटी नियमों के प्रभाव के कारण लगातार उड़ानें रद्द हो रही हैं। 5 दिसंबर को अकेले एक दिन में एक हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे दिल्ली के घरेलू उड़ानें पूरी तरह प्रभावित रहीं। मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई, सामान काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं और कई जगहों पर यात्रियों ने विरोध भी किया। इस बीच, दूसरी एयरलाइनों द्वारा किराए में अचानक की गई वृद्धि ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं।
ऐसे गंभीर संकट के माहौल में, रेलवे द्वारा तुरंत बढ़ाया गया यह नेटवर्क यात्रियों के लिए सबसे भरोसेमंद सहारा बनकर उभरा है। 84 स्पेशल ट्रेनों के अलावा, रेलवे ने कई नियमित प्रीमियम ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़कर उनकी क्षमता भी बढ़ाई है। देशभर में 116 अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं, जिनसे 114 से अधिक अतिरिक्त ट्रिप संभव हो सकेंगे। इन कोचों में चेयर कार और स्लीपर कोच दोनों शामिल हैं, ताकि हवाई रूटों पर बढ़ी हुई मांग को आराम से संभाला जा सके।
विभिन्न रेलवे जोन इस व्यवस्था को मजबूत करने में जुटे हैं। सेंट्रल रेलवे ने सबसे अधिक 12 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं और 18 से अधिक ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े हैं। नॉर्दर्न रेलवे ने 10 अतिरिक्त ट्रेनें शुरू की हैं, जिनमें अधिकतर वातानुकूलित कोच वाली हैं। वेस्टर्न रेलवे सात, जबकि नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे भी सात अतिरिक्त ट्रेनें चला रहा है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने राजेंद्र नगर-नई दिल्ली सेवा के लिए कोच बढ़ाए हैं, जिससे बिहार-दिल्ली के बीच यात्रा सुगम होगी। ईस्टर्न रेलवे ने भी तीन स्पेशल ट्रेनों के साथ कई अतिरिक्त ट्रिप जोड़ दिए हैं।
रेलवे का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और किफायती यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि फ्लाइट रद्द होने के कारण उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित न हों। अधिकारियों का मानना है कि 84 स्पेशल ट्रेनों और 108 फेरों की यह व्यवस्था हवाई संकट के बीच राहत की सबसे मजबूत कड़ी साबित होगी और यात्रा दबाव को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हालांकि, फ्लाइट संकट कब तक पूरी तरह सामान्य होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन तब तक रेलवे की यह पहल यात्रियों के लिए सबसे विश्वसनीय विकल्प बनी रहेगी।
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