फिरोजाबाद: रैपुरा में विकास का अधूरा वादा, सड़क-सफाई से वंचित ग्रामीण
फिरोजाबाद के ग्राम पंचायत रैपुरा में विकास का वादा अधूरा साबित हो रहा है। मुख्य तिराहे से कुछ दूरी पर एक गली की हालत बेहद दयनीय है। बबलू के घर से शुरू होने वाली इस गली में सड़क का निर्माण नहीं हुआ है और गंदा पानी सड़क पर ही बहता रहता है। यह स्थिति ‘ओडीएफ प्लस’ (खुले में शौच मुक्त प्लस) अभियान के तहत कराए गए कार्यों की पोल खोलती है, जिसके तहत गांवों में संपूर्ण स्वच्छता और नालियों के निर्माण पर जोर दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने इन कार्यों की निगरानी नहीं की।
ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों के खिलाफ खासा रोष है। उनका कहना है कि आज तक इस गली का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे यहां से निकलना भी मुश्किल है। बरसात के मौसम में तो कई फुट तक पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी होती है। महिलाओं ने बताया कि घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे पानी गलियों में ही बहता रहता है। गंदे पानी के कारण बीमारियों का खतरा बना रहता है और प्लॉट मालिकों से झगड़े भी होते हैं।
बिजली की समस्या भी विकट है। घरों में बिजली पहुंचाने के लिए दूर से केबल खींचकर लानी पड़ती है, क्योंकि विद्युत विभाग ने मोहल्ले में बिजली के पोल तक नहीं लगवाए हैं। प्रशासन द्वारा सफाई पर जोर देने के बावजूद, नियमित रूप से सफाई कर्मचारी यहां नहीं आते हैं। लोगों को खुद ही अपने घरों के बाहर सफाई करनी पड़ती है।
‘ओडीएफ प्लस’ के तहत ग्राम पंचायतों को धनराशि जारी की गई थी, लेकिन रैपुरा में इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। घरों से निकलने वाले गंदे पानी के उचित निस्तारण की व्यवस्था न होने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या धनराशि जारी नहीं की गई या फिर उसका दुरुपयोग हुआ। ब्लॉक अधिकारियों की ओर से जमीनी हकीकत की जांच न करना भी चिंता का विषय है।
पानी की समस्या ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। क्षेत्र में कोई सरकारी नलकूप नहीं है, जिससे ग्रामीणों को हर महीने निजी सबमर्सिबल कनेक्शन के लिए 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यह व्यवस्था एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा संचालित है, जिसने कनेक्शन बांट रखे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम पंचायत स्तर पर हर घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीण रविकांत ने कहा, ‘हमारे यहां न तो नालियां बनी हैं, न ही बिजली के पोल लगे हैं। ग्राम प्रधान का पूरा कार्यकाल बीत गया, लेकिन समस्याओं का निदान नहीं हुआ।’
सिया कुमारी ने बताया, ‘सड़क का निर्माण नहीं हुआ है और बरसात में पानी भर जाता है।’
सीता देवी ने कहा, ‘घर के बाहर नालियां न होने से गंदा पानी प्लॉट में जाता है, जिससे झगड़े होते हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ता है।’ गौरव ने बताया, ‘सड़क कच्ची है और बरसात में दलदल बन जाती है। अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही है।’
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