फिरोजाबाद में जांच में सहयोग न करने पर एआरपी निलंबित, एमडीएम में गबन का आरोप
फिरोजाबाद में शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय अतुर्रा की निलंबित प्रभारी प्रधानाध्यापिका के मामले की जांच में सहयोग न करने के आरोप में एक एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) विजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी शिकोहाबाद विजय सिंह की रिपोर्ट के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) आशीष कुमार पांडेय ने की है।
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी विजय सिंह ने बीएसए को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि चार अक्टूबर को सहायक अध्यापक विजय कुमार को विद्यालय का पूर्ण चार्ज देने के संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए बीआरसी शिकोहाबाद बुलाया गया था। इस दौरान निलंबित प्रधानाध्यापिका धारणा शर्मा अपने पति के साथ और विजय कुमार उपस्थित हुए। लेकिन विजय कुमार ने अपना पक्ष रखने के बजाय यह कहकर वहां से चले गए कि वे निलंबित प्रधानाध्यापिका के साथ बैठकर कुछ नहीं कह सकते। उनके द्वारा पूर्ण चार्ज न दिए जाने के कारण विद्यालय के चार्ज का प्रकरण हल नहीं हो पा रहा था, जिससे जांच में बाधा आ रही थी।
बीएसए ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को विजय कुमार के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। इस मामले की जांच अब खंड शिक्षा अधिकारी टूंडला ज्योति पाठक को सौंपी गई है। उन्हें 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंपनी होगी।
इसी बीच, ग्राम प्रधान ने निलंबित प्रधानाध्यापिका पर एक गंभीर आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान आदेश कुमारी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि निलंबित प्रधानाध्यापिका ने फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर 10 नवंबर को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए हैं। उन्होंने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले में विभागीय अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दोहरे आरोप और निलंबन की कार्रवाई से जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
