फार्मर रजिस्ट्री कराएं, वरना अटक सकती है किसान सम्मान निधि की अगली किस्त
बस्ती में कृषि विभाग द्वारा किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए फार्मर रजिस्ट्री कराने और खेतों में पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया गया। भीटी मिश्र हसीनाबाद स्थित सहज जनसेवा केंद्र पर आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में कृषि गोदाम एटीएम अजीत चौधरी ने किसानों को आगाह किया कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक पूरी नहीं हुई है, उनकी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त रोकी जा सकती है। उन्होंने सभी किसानों से समय रहते अपनी रजिस्ट्री अवश्य कराने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है और इसे आसान बनाने के लिए किसान जनसुविधा केंद्रों, सहज केंद्रों एवं पंचायत सहायकों की मदद ले सकते हैं। यह कदम किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में पराली प्रबंधन के महत्व पर भी जोर दिया गया। अजीत चौधरी ने समझाया कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण प्रदूषण को गंभीर रूप से बढ़ाता है, बल्कि इससे किसानों को सरकारी अनुदान से भी वंचित किया जा सकता है। उन्होंने पराली प्रबंधन के प्रभावी तरीके भी सुझाए, जिसमें पराली को खेत में फैलाकर सिंचाई करना, यूरिया घोल का छिड़काव करना और कुछ दिनों बाद खेत की जुताई करना शामिल है। इस विधि से पराली खाद के रूप में खेत की उर्वरता बढ़ाती है।
इस जागरूकता अभियान में स्थानीय किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ऋषि कुमार, दिलीप कुमार, सुनील कुमार सहित कई किसान उपस्थित रहे और उन्होंने पराली प्रबंधन व फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
