फार्मर रजिस्ट्री न होने पर 22वीं किसान सम्मान निधि से वंचित हो सकते हैं 83 हजार किसान
प्रधानमंत्री द्वारा कोयंबटूर से किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त किसानों के खातों में भेजी जाएगी। इस योजना के तहत जिले के कुल दो लाख 32 हजार किसानों में से अब तक केवल एक लाख 47 हजार किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो पाई है। इसका सीधा मतलब यह है कि सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों को 21वीं किस्त तो उनके खातों में प्राप्त हो जाएगी, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री से वंचित रह गए शेष 83 हजार किसानों पर आने वाली 22वीं किस्त से वंचित रहने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
उप निदेशक कृषि, महेंद्र सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री कराने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जिन किसानों की अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई है, उनसे लगातार संपर्क कर इसे पूरा कराने के लिए कहा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ, विशेषकर किसान सम्मान निधि, बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में अभी भी 83 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री लंबित है। यह स्पष्ट है कि जितने किसान इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कराएंगे, वे किसान सम्मान निधि की अगली किस्त से सीधे तौर पर वंचित हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, वे अन्य सरकारी योजनाओं के लाभों से भी हाथ धो बैठेंगे।
किसानों के जिले से बाहर रहने के कारण फार्मर रजिस्ट्री में बाधा उत्पन्न हो रही है। यह समस्या कासगंज जिले में विशेष रूप से देखी जा रही है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह द्वारा किसान सम्मान निधि में जनपद की प्रदेश में 72वीं रैंक आने पर अधिकारियों को फटकार लगाने के बाद, फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी आई है। कृषि एवं राजस्व अधिकारियों के अनुसार, कुछ किसान जिले से बाहर निवास कर रहे हैं, जबकि अन्य फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा करने में पर्याप्त रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
इसके अलावा, किसानों के नामों के विवरण और उनके बैंक खातों के नामों में विसंगतियां, या डेटा संबंधी अन्य गड़बड़ियां भी इस प्रक्रिया में प्रमुख बाधाएं बन रही हैं। कुछ किसानों के बैंक खाते बंद होने की स्थिति में भी राशि का हस्तांतरण संभव नहीं हो पाता है। आधार कार्ड से बैंक खाते का लिंक न होना और एनपीसीआई से लिंक न होना भी राशि ट्रांसफर न होने के अन्य महत्वपूर्ण कारण हैं।
फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल डेटाबेस प्रक्रिया है। इसमें किसान की पहचान, उसके खेत की जानकारी और फसल के प्रकार जैसी महत्वपूर्ण जानकारी को अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बिचौलिए के पहुंचाना है। किसान ऑनलाइन पोर्टल, ऐप या जन सुविधा केंद्र पर जाकर इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन से संबंधित जानकारी अनिवार्य है। उप निदेशक कृषि महेंद्र सिंह ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो किसान सम्मान निधि के पात्र नहीं हैं, उन्हें भी फार्मर रजिस्ट्री कराने पर खाद एवं बीज पर मिलने वाले अनुदान का लाभ प्राप्त होगा।
