फाफामऊ-उन्नाव रेल लाइन दोहरीकरण: 2026 में शुरू होगा काम, 11 स्टेशन होंगे आधुनिक
उत्तर प्रदेश के फाफामऊ-उन्नाव रेल खंड पर दोहरीकरण की बहुप्रतीक्षित परियोजना पर कार्य 2026 में शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू होने की उम्मीद है। इस दोहरीकरण से लगभग 60 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर दूसरा रेल पथ बिछाया जाएगा, जो न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार लाएगा बल्कि ट्रेनों की संख्या और गति में भी वृद्धि करेगा।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज जैसे बड़े स्टेशनों के साथ-साथ अरखा, बहाई, जलालपुर धई, रघुराज सिंह, निहस्था, बरारा बुजुर्ग जैसे छोटे स्टेशनों और हॉल्ट का भी नवीनीकरण किया जाएगा। रेलवे ने इस कायाकल्प के लिए विस्तृत योजना तैयार कर ली है। हाल ही में, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक और सहायक मंडल अभियंताओं द्वारा इस खंड का निरीक्षण कर तैयारियों और संभावित समस्याओं का आंकलन किया गया था, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।
वर्तमान में, फाफामऊ-उन्नाव रूट पर ट्रेनों का संचालन सीमित है, जिसमें मुख्य रूप से ऊंचाहार एक्सप्रेस, प्रयागराज-कानपुर इंटरसिटी और तीन पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। दोहरीकरण पूरा होने के बाद, इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रा के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोहरीकरण का कार्य शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंडल रेल प्रबंधक ने पुष्टि की है कि 2026 में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, और उम्मीद है कि नए वर्ष में ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र के रेल नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
