पूर्वोत्तर की ट्रेनों में सीटों का भारी संकट, यात्री बेहाल
पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों को इस समय ट्रेनों में सीटें न मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्तीपुर से गुवाहाटी, दीमापुर, डिब्रूगढ़ जैसे शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में आरक्षित सीटों पर ‘नो रूम’ की स्थिति बनी हुई है। विशेष रूप से, अवध-असम एक्सप्रेस और नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में 20 दिसंबर तक सभी कोचों में आरक्षण फुल है।
स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि पूर्वोत्तर भारत के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी तीन महीने के लिए रद्द कर दी गई हैं। साप्ताहिक उदयपुर सिटी-कामख्या एक्सप्रेस में भी 31 दिसंबर तक नो रूम की स्थिति है, जबकि जम्मूतवी-गुवाहाटी अमरनाथ एक्सप्रेस में सात दिसंबर तक ‘रिग्रेट’ की स्थिति बनी हुई है।
समस्तीपुर और आसपास के जिलों के उन यात्रियों की चिंता बढ़ गई है जिन्हें किसी आवश्यक कार्य से पूर्वोत्तर भारत की यात्रा करनी है। यात्रियों का कहना है कि पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली अधिकांश ट्रेनें दिल्ली, राजस्थान और जम्मू जैसे उत्तरी भारतीय राज्यों से भरी हुई आती हैं, जिसके कारण उत्तर बिहार के यात्रियों को ट्रेनों में जगह मिलना मुश्किल हो जाता है।
एक यात्री ने बताया कि पिछले एक महीने से ट्रेन में सीट मिलना लगभग असंभव हो गया है और आने वाले एक महीने तक भी स्थिति में सुधार की उम्मीद कम है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्वोत्तर भारत के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू करने की मांग की है, ताकि इस सीट संकट से राहत मिल सके।
