RTE एडमिशन पर Patna news: 922 प्राइवेट स्कूलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम, DEO ने दी कार्रवाई की चेतावनी
पटना में शिक्षा विभाग ने RTE (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत नामांकन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों पर कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा कार्यालय (DEO) ने 922 निजी स्कूलों को 24 घंटे के भीतर ज्ञानदीप पोर्टल पर कक्षा एक की सीटों का विवरण अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि स्कूल इस समय सीमा का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है RTE का नियम और क्यों जरूरी है डेटा अपलोड?
RTE के तहत, सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को कक्षा एक में कमजोर वर्ग और अलाभकारी समूह के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करनी होती हैं। इन सीटों पर नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 जनवरी से शुरू हुई थी और 31 जनवरी तक चलेगी। स्कूलों को इन आरक्षित सीटों की संख्या पोर्टल पर साझा करनी होती है ताकि आवेदन प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
922 स्कूलों ने नहीं दी जानकारी
पटना जिले में कुल 1315 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। इनमें से केवल 393 स्कूलों ने ही ज्ञानदीप पोर्टल पर अपनी सीटों की जानकारी अपलोड की है। 922 स्कूलों ने अभी तक यह जानकारी साझा नहीं की है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कृतिका वर्मा ने इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है।
नामांकन की प्रक्रिया और समय सीमा
आवेदन प्रक्रिया के बाद, 2 फरवरी तक पंजीकृत बच्चों का सत्यापन किया जाएगा। 6 फरवरी को ऑनलाइन स्कूल आवंटन होगा और 7 से 21 फरवरी तक चयनित बच्चों का नामांकन होगा। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर http://gyandeep-rte.bihar.gov.in पर अपने बच्चों का पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के लिए बच्चों की उम्र 1 अप्रैल 2026 तक छह वर्ष होनी चाहिए।
