रिम्स में बढ़ा मरीजों का भरोसा: 8.5 लाख OPD, 63 हजार सर्जरी का रिकॉर्ड, Jharkhand health boost
रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आम लोगों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है। अस्पताल की ताजा वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में रिम्स की ओपीडी में 8 लाख 58 हजार से अधिक मरीजों ने इलाज कराया, जबकि 78 हजार से ज्यादा मरीजों को इंडोर यानी आइपीडी सेवाएं दी गईं। ये आंकड़े न केवल रिम्स की बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि राज्य के लोग अब जटिल बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करने लगे हैं।
रिम्स में कुल 63,926 सर्जरी की गईं, जिनमें 20,995 मेजर ऑपरेशन और 42,931 माइनर सर्जरी शामिल हैं। मेजर सर्जरी की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि अब हार्ट, ब्रेन, कैंसर, ट्रामा और अन्य जटिल बीमारियों का इलाज रिम्स में बड़े स्तर पर संभव हो रहा है। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों में रेफर होने की मजबूरी कम हुई है।
डायग्नोस्टिक सेवाओं का दायरा भी बढ़ा है। एक साल में कुल 1,40,779 रेडियोलॉजी जांच की गईं, जिनमें 90,758 एक्स-रे, 23,868 अल्ट्रासाउंड और 26,153 सीटी स्कैन शामिल हैं। पैथोलाजी और सेंट्रल लैब सेवाओं में भी रिकॉर्ड जांच हुई, जहां सेंट्रल लैब में कुल 8,92,531 जांच दर्ज की गईं।
कार्डियोलॉजी विभाग में भी मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। एक साल में 35,735 ईसीजी, 17,580 ईको, 1,248 टीएमटी और 302 होल्टर टेस्ट किए गए। रिम्स ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहां वर्षभर में 5,214 प्रसव कराए गए। कुल 33,505 टीकाकरण भी किए गए, जिससे बच्चों को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा मिली। रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार के अनुसार, ये आंकड़े बताते हैं कि रिम्स अब केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए जीवनरेखा बन चुका है। सीमित संसाधनों और बढ़ते मरीज दबाव के बावजूद रिम्स द्वारा दी जा रही सेवाएं सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम लोगों का बढ़ता भरोसा दर्शाती हैं।
