पश्चिमी सिंहभूम: लिपिक पर ₹4.93 लाख गबन का आरोप, अंचल अधिकारी ने थमाया नोटिस
पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी अंचल कार्यालय में वित्तीय अनियमितताओं का एक बड़ा मामला सामने आया है। हाटगम्हारिया प्रखंड में कार्यरत एक निम्न वर्गीय लिपिक, विवेक कुमार, पर लगभग 4.93 लाख रुपये गबन करने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब ऑडिट के दौरान अग्रिम राशि, लगान और विभिन्न सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई।
जांच रिपोर्टों के आधार पर, अंचल अधिकारी ने लिपिक को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें तय समय सीमा के भीतर गबन की गई पूरी राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, लिपिक द्वारा अपनी सेवा अवधि के दौरान 1.35 लाख रुपये अग्रिम के तौर पर लिए गए थे, जिनमें से 35 हजार रुपये अब तक वापस नहीं किए गए हैं। ब्याज सहित, यह राशि 56 हजार रुपये बनती है।
इसके अतिरिक्त, मानकी-मुण्डा से प्राप्त 12,995 रुपये की लगान राशि को भी जमा न कर गबन करने का आरोप है। ब्याज जोड़कर इस राशि का बकाया 17,675 रुपये निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 28,457 रुपये और 2021-22 में 26,972 रुपये की लगान राशि के गबन का भी उल्लेख है। दोनों वित्तीय वर्षों की यह राशि ब्याज सहित लगभग 85,451 रुपये बनती है।
सबसे बड़ा गबन सोना-सोबरन, धोती-साड़ी-लूंगी योजना और पंचायत चुनाव 2015 से संबंधित मदों में हुआ है, जहाँ 1,52,020 रुपये का गबन किया गया। ब्याज सहित यह राशि बढ़कर 3,34,444 रुपये हो गई है।
अंचल अधिकारी ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि सभी मदों की कुल राशि 4,93,570 रुपये लिपिक को 19 नवंबर 2025 तक अंचल नजारत में जमा करनी होगी। यदि लिपिक निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इस मामले की प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी हाटगम्हारिया, जिला स्थापना उपसमाहर्ता तथा उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम को भी प्रेषित कर दी गई है। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को वित्तीय अनुशासन को सख्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
