पश्चिमी चंपारण: पुल का एप्रोच ध्वस्त, ग्रामीणों में आक्रोश, हादसे का डर
पश्चिमी चंपारण के नरकटियागंज में कोइरगांवा से राजपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित पंडई नदी के पुल का एप्रोच पथ एक बार फिर धंस गया है, जिससे क्षेत्र में कभी भी बड़े हादसे की आशंका गहरा गई है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह मार्ग कई महत्वपूर्ण गांवों को प्रखंड और अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ता है।
आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासनिक उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा है कि पुल के ध्वस्त एप्रोच को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले ही एक ट्रैक्टर के गुजरने के दौरान उसका पहिया गड्ढे में फंस गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। यह घटना पुल की जर्जर स्थिति को उजागर करती है।
यह मार्ग सोनासती, बैतापुर, भेड़ीहरवा, मठिया, राजपुर और बरई टोला सहित कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है। इतना ही नहीं, स्कूल जाने वाले बच्चों का दैनिक आवागमन भी इसी मार्ग से होता है। ध्वस्त एप्रोच पथ के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल के दोनों किनारों का एप्रोच पथ बार-बार धंस रहा है। हर बार केवल खानापूर्ति के लिए सतही मरम्मत की जाती है, जो समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। नदी ने एप्रोच के नीचे की मिट्टी को काफी हद तक काट दिया है, और अब केवल सड़क की ऊपरी परत बची है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यह स्थिति किसी भी समय एक बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस ध्वस्त एप्रोच पथ की स्थायी और उचित मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें और किसी अनहोनी घटना से बचा जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम सूर्य प्रकाश गुप्ता ने संबंधित विभाग को इस पर त्वरित कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
