प्रतापगढ़ में एसआईआर में 24 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता मिले, संख्या बढ़ने की आशंका
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं। अब तक 24,468 डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई है, और यह संख्या रोजाना अपडेट हो रही रिपोर्टों के कारण लगातार बढ़ रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है, लेकिन सामने आए आंकड़े चिंताजनक हैं।
सूत्रों के अनुसार, चार नवंबर से जनपद के 2,626 मतदान बूथों पर गणना प्रपत्र भरकर उसकी फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। मंगलवार शाम तक 70 प्रतिशत से अधिक फार्म ऑनलाइन कर दिए गए थे। एसआईआर रिपोर्ट के अनुसार, अब तक मिले 24,468 डुप्लीकेट मतदाताओं में सबसे अधिक संख्या विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में 4,557 पाई गई है। इसके बाद रामपुर खास विधानसभा में 4,077, रानीगंज विधानसभा में 3,751, बाबागंज में 3,584 और कुंडा विधानसभा में 3,545 डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। पट्टी विधानसभा में 1,753 डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं।
डुप्लीकेट मतदाताओं के अलावा, एक लाख से अधिक मतदाताओं को शिफ्ट किया गया है, जबकि 23,018 मतदाता लापता पाए गए हैं। साथ ही, 64,864 मतदाताओं की मौत हो चुकी है। यह आंकड़े मतदाता सूची की वर्तमान स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत गणना प्रपत्रों की फीडिंग और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, तथा निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एसआईआर की अंतिम तिथि तक डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या 50,000 तक पहुंच सकती है। मतदाता सूची की इस बड़ी गड़बड़ी का सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है, जहां निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। मतदाता सूची में इस तरह की खामियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिल सके।
