प्रतापगढ़ में ‘ऑपरेशन दस्तक’: अपराधियों की हर गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर
प्रतापगढ़ जनपद में अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। ‘ऑपरेशन दस्तक’ नामक इस अभियान के तहत, जिले के सभी हिस्ट्रीशीटर, तस्कर, चोर-लुटेरे और अन्य गंभीर अपराधों में लिप्त अपराधियों को अपनी हर गतिविधि की सूचना पुलिस को देनी होगी। पुलिस का मानना है कि यह अभियान अपराधियों की सक्रियता और ठिकाने पर कड़ी निगरानी रखने में सहायक सिद्ध होगा।
इस अभियान के तहत, संबंधित अपराधियों को व्यक्तिगत रूप से थाने में उपस्थित होने के लिए सूचित किया जा रहा है। थाने पहुंचकर उन्हें अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी और उनके बारे में विस्तृत जानकारी दर्ज करानी होगी। इस प्रक्रिया में अपराधी का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, वर्तमान आपराधिक इतिहास और एक नवीनतम फोटो शामिल है। यह सारी जानकारी ‘त्रिनेत्र एप’ पर डिजिटल रूप से फीड की जा रही है, जिससे अपराधियों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार हो सके।
पुलिस अधीक्षक ने इस महत्वपूर्ण अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी दोनों अपर पुलिस अधीक्षकों को सौंपी है। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अपराधियों पर इस अभियान के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी, गोवंश तस्करी और गोवध जैसे संगीन अपराधों में शामिल अपराधियों को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस नोटिस जारी करके, या चौकीदार व सिपाहियों के माध्यम से संदेश भेजकर अपराधियों को थाने बुला रही है।
इस डिजिटल सत्यापन और डेटा फीडिंग का मुख्य उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी निगरानी स्थापित करना है। पुलिस का मानना है कि यह तकनीक अपराधियों की गतिविधियों पर त्वरित और तकनीकी नियंत्रण प्रदान करेगी। भविष्य में किसी भी अपराध की घटना होने पर, अपराधियों की पहचान करना और उन्हें ट्रैक करना आसान हो जाएगा। यह कदम कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और जनपद को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पुलिस पूर्ण तत्परता, पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ इस अभियान को निरंतर जारी रखेगी।
